अजमेर। राज्य सरकार ने हाल ही में प्रदेशभर में द्वितीय श्रेणी नर्सिंगकर्मियों की भर्ती की है। जेएलएन अस्पताल में 1100 नर्सिंग कर्मी लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य संकुल में द्वितीय श्रेणी में चयनित हुए नर्सिंग कर्मियों ने ज्वाइनिंग दे दी है।
सभी के दस्तावेजों की जांच एवं पुलिस जांच के बाद नियुक्ति दे दी जाएगी। वहीं जेएलएन अस्पताल में काम कर रहे यूटीबी नर्सिंग कर्मियों की परेशानी बढ़ गई है। शनिवार को जेएलएन अस्पताल के लेक्चर थियेटर में बैठक आयोजित कर संघर्ष समिति का गठन किया है। समिति सदस्य चिकित्सा मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़ से मुलाकात कर सेवाओं से नहीं हटाए जाने की मांग करेंगे।
यूटीबी नर्सिंग कर्मियों को जेएलएन अस्पताल के वरिष्ठ नर्सिंग कर्मियों का भी समर्थन मिल रहा है। राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन जेएलएन इकाई के पूर्व अध्यक्ष घनश्याम जोशी और प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार से मांग की जाएगी कि प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में कार्यरत यूटीबी नर्सिंग कर्मियों को बेरोजगार नहीं किया जाए। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में जब पद रिक्त थे, तब इन्हीं की मदद से व्यवस्थाओं काे अंजाम दिया गया था। अब जब सरकार ने स्थाई नियुक्ति कर दी है तो उनके भविष्य के बारे में भी विचार करना होगा।
आज मिलेंगे चिकित्सा मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़ से
शर्मा ने बताया कि रविवार को चिकित्सा मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़ पुष्कर आ रहे हैं। यूटीबी संघर्ष समिति के सदस्य उनसे मुलाकात करेंगे। उनकी मांग है कि उनकी सेवाएं निरंतर जारी रखी जाए। इसी प्रकार सोमवार को भी चिकित्सा मंत्री सिंह के जयपुर निवास से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा जाएगा।
अस्पताल की बिगड़ी व्यवस्थाएं
द्वितीय श्रेणी स्थाई नर्सिंग कर्मियों की सूची में अधिकांश ऐसे यूटीबी नर्सिंग कर्मी भी शामिल हैं, जिनका चयन हुआ है। ऐसे नर्सिंग कर्मी अपने दस्तावेज लेकर चले गए हैं। ऐसी स्थिति में इसका असर अस्पताल की व्यवस्थाओं पर पड़ रहा है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. पीसी वर्मा ने बताया कि जब तक द्वितीय श्रेणी स्थाई नर्सिंगकर्मी ज्वाइन नहीं कर लेते, तब तक जीएनएम छात्रों की मदद ली जा रही है।
फिलहाल कोई आदेश नहीं
राज्य सरकार की ओर से फिलहाल कोई आदेश नहीं आए हैं। यूटीबी नर्सिंग कर्मी पूर्व की भांति काम कर रहे हैं। भविष्य में जो भी मार्गदर्शन मिलेगा उनकी पालना की जाएगी। -डॉ. पीसी वर्मा, अस्पताल अधीक्षक जेएलएन अस्पताल