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10 लाख रुपए ले भागा सेल्समैन!

9 वर्ष पहले
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ब्यावर. जयपुर से कुछ दिन पहले ऑर्डर और कलेक्शन के लिए निकला गारमेंट कंपनी का सेल्समैन अन्य साथियों को चकमा देकर 10 लाख रुपए और कागजात ले भागा। पुलिस ने कंपनी के मैनेजर की रिपोर्ट पर छानबीन शुरू की।
नीम का थाना निवासी घनश्याम अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि उसके जीजा कमलेश अग्रवाल की जयपुर में एस एसोसिएट नाम से रेडिमेड गारमेंट कंपनी है, जो प्रदेशभर में माल सप्लाई करती है। 12 फरवरी को घनश्याम अग्रवाल जयपुर से टैक्सी लेकर ऑर्डर व कलेक्शन के लिए रवाना हुआ। उसके साथ लक्ष्मण, श्याम, कुसांग और टैक्सी ड्राइवर राकेश था।
इन लोगों ने जयपुर से पिलानी, चिड़ावा, झुंझुनूं, हनुमानगढ़, बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर, पाली, शिवगंज, सुमेरपुर, सिरोही, आबूरोड, उदयपुर और भीलवाड़ा व अन्य जगह सैंपल दिखाते हुए रविवार दोपहर को ब्यावर पहुंचे। घनश्याम अग्रवाल ने ब्यावर पहुंचने पर गाड़ी सिटी थाने के सामने स्थित एक रेडिमेड गारमेंट शॉप पर खड़ी कर दी। उसने साथियों से कहा कि वह बाजार जा रहा है, व्यापारी को वे लोग सैंपल दिखा दे। कुछ देर बाद जब उसने अपने साथी श्याम को फोन किया तो उसका मोबाइल स्विच ऑफ आया।
उसने जब अन्य साथी से संपर्क किया तो पता चला कि श्याम अपना सामान लेकर कहीं चला गया है। वह तुरंत गाड़ी के पास पहुंचा और अपना बैग चैक किया तो ट्रॉली बैग का ताला टूटा हुआ था और उसमें रखे करीब 10 लाख रुपए, रसीद व अन्य कागजात गायब थे।उसने इसकी सूचना तत्काल कंपनी मालिक को फोन पर दी।कंपनी के अन्य कर्मचारी जयपुर स्थित श्याम के निवास पर पहुंचे तो उन्हें वहां ताला लगा मिला। आरोपी कंपनी में पिछले डेढ़ साल से सेल्समैन के पद पर काम कर रहा था।
इधर घनश्याम ने तुरंत ब्यावर सिटी थाना पुलिस को साथी द्वारा रकम लेकर भाग जाने की रिपोर्ट दी।पुलिस उपअधीक्षक गोपी सिंह शेखावत व थाना प्रभारी भगवत सिंह ने घनश्याम द्वारा बताए गए कुछ पतों की तस्दीक कराई तो पता चला कि आरोपी वहां रहता ही नहीं है। इधर पता चला कि आरोपी ब्यावर टैक्सी स्टैंड से ही एक गाड़ी किराए पर लेकर गया।
कोटा स्टेशन पर उसने गाड़ी छोड़ दी। पुलिस ने इस बात पर हैरानी जताई कि कंपनी के पास आरोपी का सही पता-ठिकाना ही मौजूद नहीं है। यह कैसे संभव है कि लाखों रुपए लेकर चल रहे हैं मैनेजर या कंपनी मालिक को उसके सेल्समैन के बारे में पूरी जानकारी ही न हो। इसके अलावा 12 दिन से गाड़ी में घूम रहे मैनेजर ने इतनी बड़ी रकम बैंक में जमा क्यों नहीं करवाई।
इनका कहना है
पीड़ित ने रिपोर्ट पेश की है, इसकी जांच जारी है। आरोपी के संभावित ठिकानों पर तलाशी की जा रही है।’
-भगवतसिंह राठौड़, सिटी थाना प्रभारी, ब्यावर
24 बीडब्ल्युआर 23 : बैग, जिसका ताला तोड़ा गया।
24 बीडब्ल्युआर 24 : गाड़ी, जिसमें व्यापारी सवार थे।