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अजमेर: नए रेल बजट से जिले को कई उम्मीदें

9 वर्ष पहले
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अजमेर.आगामी रेल बजट में अजमेर के लिए कई महत्वपूर्ण ट्रेन और योजनाओं को हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। मंडल रेल प्रशासन आगामी बजट में अजमेर मंडल की जरूरतों के बारे में रेल सलाहकार समिति, अजयमेरु नागरिक अधिकार एवं जन चेतना समिति सहित विभिन्न संस्थाओं, जन प्रतिनिधियों और सामाजिक और व्यापारिक संगठनों के सुझाव के आधार पर प्रस्ताव तैयार कर रहा है। ये प्रस्ताव जोन मुख्यालय भेजा जाएगा। इसके अलावा रेल प्रशासन पिछले रेल बजट में की गई घोषणाओं को अमल में लाने पर भी जोर दे रहा है।
इन्हें मिल सकती है हरी झंडी
पुष्कर से मेड़ता सिटी को रेल मार्ग से जोड़ने की महत्वपूर्ण योजना को रेल बजट 2013 के बाद योजना आयोग की मंजूरी मिलने की उम्मीद है। उत्तर-पश्चिम रेलवे मुख्यालय ने इस मार्ग का दो बार सर्वे कराने के बाद एस्टीमेट जनवरी 2012 में रेलवे बोर्ड को भेज दिया था। बोर्ड ने प्रस्ताव योजना आयोग को भेज दिए।
आयोग की मंजूरी मिलने के बाद 2013 में रेल मार्ग पर काम शुरू होने की उम्मीद है। दूसरी ओर अजमेर-कोटा रेल लाइन के लिए भी रेलवे मुख्यालय ने 821.6 करोड़ रुपए का प्रस्ताव बोर्ड के माध्यम से योजना आयोग को भेजा था। इस प्रस्ताव पर भी योजना आयोग से मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
तीन साल में वल्र्ड क्लास स्टेशन का केवल एस्टीमेट बनाया
पूर्व रेल मंत्री ममता बनर्जी ने वर्ष 2009-10 के रेल बजट में 50 स्टेशनों को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत अंतर्राष्ट्रीय वल्र्ड क्लास स्तर के उच्च मापदंडों के तहत विकसित करने की घोषणा की थी। इसमें अजमेर व जयपुर के रेलवे स्टेशन भी शामिल हैं। रेलवे बोर्ड के मास्टर सरक्यूलर के आधार पर उत्तर-पश्चिम रेलवे मुख्यालय की कमेटी ने योजना के सभी पहलुओं पर अध्ययन के बाद एस्टीमेट रेलवे बोर्ड को भेज दिया है।
एस्टीमेट को स्वीकृति मिलने के बाद पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पीपीपी के तहत निजी कंपनियों को अनुबंधित किया जाएगा। इस कार्य योजना के बारे में रेलवे बोर्ड ने जून 2010 में मुख्यालय को मास्टर सरक्यूलर भेजा था। रेलवे जोन महाप्रबंधक के निर्देश पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी निर्माण ने मुख्य अभियंता निर्माण सुधीर अग्रवाल को कार्ययोजना के लिए नोडल आफिसर बनाया।
मुख्य अभियंता ने इंजीनियरिंग विभाग, ट्रेफिक, इलेक्ट्रिक, मैकेनिकल एवं दूरसंचार विभाग के अधिकारियों की टीम गठित कर अजमेर और जयपुर रेलवे स्टेशनों का एस्टीमेट तैयार करवाया। रेलवे प्रशासन की माने तो वल्र्ड क्लास योजना पर अभी काम चल रहा है। प्रथम चरण में मार्च 2013 तक रेलवे स्टेशन पर एस्कलेटर स्वचालित सीढ़ियां लगाई जाएगी। आगामी रेलवे बजट में योजना के एस्टीमेट को वित्तीय स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
उप रेलवे स्टेशन विकसित करने की जरूरत
अजमेर रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास के मापदंडों को पूरा करने के लिए पाल बीसला की तरफ दूसरा निकास द्वार बनाने की जरूरत है। यातायात भार को घटाने के लिए मुंबई या दिल्ली की तर्ज पर अजमेर के उप रेलवे स्टेशन विकसित करने की जरूरत है। गेगल, लाडपुरा, दौराई, मदार व माकड़वाली रेलवे स्टेशनों को उप स्टेशनों के तौर पर विकसित किया जा सकता है।
शहर में मौजूदा ट्रैफिक भार के मद्देनजर रामगंज, आदर्शनगर, मदार, वैशालीनगर, मीरशाहली, शास्त्रीनगर और कोटड़ा सहित कई इलाकों के लोगों को रेलवे स्टेशन पहुंचने में करीब एक घंटा पहले घर से निकलना पड़ता है। इस स्थिति में उप रेलवे स्टेशन विकसित होने से लोगों की समस्याएं कम हो सकती हैं। आगामी रेल बजट में इस बारे में वित्तीय स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
रेल सुविधाओं में विस्तार की उम्मीद
:जयपुर-जबलपुर दयोदय एक्सप्रेस ट्रेन को अजमेर तक बढ़ाने की उम्मीद
:जयपुर-चेन्नई ट्रेन को अजमेर तक बढ़ाने की उम्मीद
:अजमेर-चेन्नई को वाया भीलवाड़ा, रतलाम करने की जरूरत
:उदयपुर-सियालदाह, अजमेर-पटना जियारत एक्सप्रेस, अजमेर-अर्नाकुल्लम और अजमेर-रांची जियारत एक्सप्रेस को महावीर जी स्टेशन पर स्टॉपेज की उम्मीद
:अहमदाबाद-आगरा फोर्ट नियमित होने की उम्मीद
:अजमेर-हैदराबाद ट्रेन को वाया नागपुर करने की जरूरत
:उदयपुर-सियालदाह को नियमित करने की उम्मीद
:जयपुर-आगरा शताब्दी एक्सप्रेस को अजमेर तक बढ़ाने की उम्मीद