अजमेर. क्रिश्चियनगंज थाना क्षेत्र के मेहबूब की कोठी इलाके में गुरुवार रात करीब ढाई बजे तीन युवकों ने पशुपालन विभाग के फील्ड ऑफिसर महेंद्र सिंह के घर दस्तक देकर दरवाजा खुलवाया और गोली से चार फायर दाग दिए।
रात के सन्नाटे में पूरा इलाका धांय-धांय की आवाज से गूंज उठा। 59 वर्षीय महेंद्र सिंह के सीने और पेट में गोली लगी। खून से लथपथ होकर वह चिल्लाने लगे, इस बीच हमलावर भाग गए। जख्मी हालत में महेंद्र सिंह एक परिचित की बाइक पर पुष्कर रोड स्थित प्राइवेट अस्पताल पहुंचे, जहां से उन्हें जेएलएन अस्पताल भेज दिया गया। वहां उनका ऑपरेशन किया गया।
डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक बताई है।
पुलिस को दिए पर्चा बयान में महेंद्र सिंह ने हमलावरों को पहचानने के इनकार किया है, लेकिन शक के आधार पर पुरानी रंजिश रखने वाले भाजपा पार्षद नीरज जैन सहित दो लोगों के नाम पुलिस को बताए हैं। पुलिस ने पार्षद नीरज जैन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। एक अन्य संदिग्ध की तलाश में पुलिस दल हरियाणा के नारनौंद भेजा गया है।
एडिशनल एसपी शरद चौधरी के अनुसार पर्चा बयान के आधार पर पार्षद जैन, नारनौंद निवासी सुशील उर्फ भोला को एफआईआर में नामजद कर जांच शुरू की गई है। जानकारी के अनुसार घटना गुरुवार रात ढाई से तीन बजे की है। पूरा शहर नींद के आगोश में था।
शहर के क्रिश्चियनगंज इलाके के महबूब की कोठी क्षेत्र में तीन बदमाशों ने पशुपालक विभाग में फील्ड अधिकारी महेंद्र सिंह चौधरी के घर दस्तक दी। महेन्द्र घर में अकेले थे, उन्होंने जब दरवाजा खोला, तब एक बदमाश ने उनसे पूछा कि महेंद्र सिंह कौन है। महेन्द्र सिंह ने हां में जवाब दिया, तभी तीन में से एक युवक ने रिवाल्वर निकाल कर लगातार चार फायर कर दिए।
वारदात में एक गोली महेंद्र सिंह के सीने में और एक गोली उनके पेट में लगी। दो फायर मिस हो गए। तीनों बदमाश महेंद्र को गोली मार कर भाग छूटे। महेंद्र सिंह लहूलुहान हालत में चिल्लाते हुए बाहर निकल आए। उन्होंने फोन पर अपने पुत्र आशीष को घटना की जानकारी दी, आशीष उस समय हरियाणा के नारनौंद गांव में था।
उधर गोली की आवाज सुन इलाके के लोग भी जाग गए। एक युवक की बाइक पर महेंद्र सिंह पुष्कर रोड स्थित प्राइवेट अस्पताल पहुंचे, जहां से उन्हें जेएलएन हॉस्पिटल भेज दिया गया। वहां सीओ राजेश मीना, क्रिश्चियनगंज थाना प्रभारी नेम सिंह दल के साथ पहुंचे।
हमलावरों को नहीं पहचाना, पार्षद सहित दो पर शक
एडिशनल एसपी शरद चौधरी ने बताया कि अस्पताल में महेंद्र सिंह पुत्र ज्ञानीराम के पर्चा बयान दर्ज किए गए। बयान में महेंद्र ने स्पष्ट तौर पर हमलावरों को पहचानने से इनकार किया है, लेकिन उन्होंने पार्षद नीरज जैन और पुश्तैनी गांव हरियाणा के नारनौंद निवासी सुशील उर्फ भोला पर हमला करवाने का शक जाहिर किया है।
महेंद्र ने बताया कि करीब साल भर पहले पार्षद नीरज जैन से उसके पुत्र आशीष का झगड़ा हुआ था, तब से नीरज जैन रंजिश रखता है। इसी तरह नारनौंद निवासी सुशील ने डेढ़ साल पहले उस पर कातिलाना हमला किया था, पिछले दिनों ही वह पैरोल पर जेल से रिहा हुआ है।
पुलिस ने बयान के आधार पर नीरज जैन, सुशील उर्फ भाेलू को एफआईआर में नामजद कर जांच शुरू की है। पुलिस दल सुशील की तलाश में नारनौंद भेजा गया है। मौका मुआयना में पुलिस को कारतूस के दो खोल बरामद हुए हैं। गौरतलब है कि डेढ़ साल पहले भी अधिकारी पर कातिलाना हमला हुआ था।
पशु पालन विभाग के फील्ड अफसर महेन्द्र सिंह पर डेढ़ साल पहले भी उनके पुश्तैनी गांव हरियाणा के नारनोंद में कातिलाना हमला हुआ था। इस मामले में महेन्द्र सिंह के पड़ोसी सुशील उर्फ भोलू को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
भोलू ने महेंद्र सिंह और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी। भोलू हिसार जेल से 12 सितंबर को पैरोल पर छूटा है। महेन्द्र सिंह ने पुलिस को दिए बयान में उस पर हमला करवाने का शक भोलू पर जाहिर किया है। पुलिस ने भोलू के अपराधिक रिकार्ड के मद्देनजर उसे प्राइम सस्पेक्ट माना है। पुलिस दल भोलू की तलाश में नारनोंद भेजा गया है।
वारदात के बाद किया था फोन
आशीष के अनुसार गुरुवार रात करीब पौने तीन बजे पिता महेंद्र सिंह ने उसे फोन पर उन पर हुए हमले की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि वह घायल हैं और उन्हें अस्पताल पहुंचाने वाला कोई नहीं है।
पिता के फोन के बाद उसने घूघरा घाटी इलाके में रहने वाले उसके दोस्त को फोन पर जानकारी देकर पिता की मदद को कहा था। नारनौंद से वह तुरंत रवाना होकर सुबह अजमेर पहुंचा था।
पार्षद जैन से भी थी रंजिश
वारदात के शिकार महेंद्र सिंह के पुत्र आशीष ने बताया कि उसने एआईटी कॉलेज से बीटेक की डिग्री हासिल की है। वह चार भाइयों में सबसे छोटा है और पिता के साथ रहता है। तीन भाई गांव में ही रहते हैं। मेहमूद की कोठी इलाके में सुनील गौड के मकान में पिता महेंद्र सिंह करीब चौबीस साल से किराएदार हैं। मकान का एक पोर्शन उनके पास है, जबकि एक पोर्शन खाली है।
बेटे को दी थी धमकी
पुलिस के अनुसार वारदात में घायल महेंद्र सिंह के पुत्र आशीष ने बताया कि वह तीन दिन पहले ही गांव नारनोंद गया। वहां उसका सामना सुशील उर्फ भोलू से हुआ था। सुशील हिसार जेल से 12 सितंबर को पैरोल पर रिहा होकर गांव आया था।
आशीष ने बताया कि भोलू ने उसे धमकी दी थी कि तेरा पिता अब इस दुनिया में नहीं रहेगा। आशीष ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले गांव में कहासुनी के बाद झगड़े में सुशील ने धारदार हथियार से हमला कर पिता महेन्द्र सिंह को घायल कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
आगे की स्लाइडों हैं अस्पताल में भर्ती घायल अधिकारी, जांच करते पुलिस अधिकारी और घायल के परिजन.....