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रिश्वत के लिए बेखौफ इस्तेमाल कर रहे हैं थाने का फोन!

9 वर्ष पहले
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अजमेर.पुलिस मंथली प्रकरण में निलंबित पूर्व एसपी जेल में है। एएसपी सोनवाल फरार हैं, 11 थाना प्रभारी को एसीबी नामजद कर चुकी है, बावजूद इसके पुलिस का रवैया भी वही है। नए पुलिस कप्तान को कमान संभाले महज तीन दिन हुए हैं और अजमेर की पुलिस ने उन्हें अपनी ‘पहचान’ बता दी।
आदर्शनगर थाने के घूसखोर एसआई नाथूसिंह ने बिना केस दर्ज किए एक लाख रुपए डकार लिए। दूसरी किस्त में एक लाख और मांगे। और दस हजार का ‘नेग’ लेते धरा गया। इस मामले में पुलिस का रवैया ऐसा रहा कि परिवादी गौरव मित्तल से रिश्वत लेने के लिए 15 दिन में सैकड़ों कॉल किए।
पुलिस की दिलेरी ऐसी कि थाने के लैंडलाइन नंबर को बेखौफ काम में लिया गया और एसआई नाथू सिंह के नंबर से भी कॉल हुए। समय भी कभी सुबह 6 बजे तो कभी देर रात का। मित्तल ने इस मामले में सीआई ओमप्रकाश वर्मा से बात की तो जवाब मिला आईओ नाथू सिंह से करो बात।
एसीबी के मुताबिक कमल शर्मा 11 फरवरी को परबतपुरा स्थित अपने प्लॉट पर बाउंड्री करवा रहा था। समय था सुबह 11 बजे का। इसी दौरान कुछ समय बाद वहां कमल के दोस्त के चाचा ललित जैन पहुंचे। वह कमल से बातचीत करने के लिए वहीं रुक गए।
इसी बीच नाथू सिंह ने कमल को अवैध कब्जे की शिकायत बताई और कमल, ललित व काम कर रहे दो बेलदारों को गेंती-फावड़ों सहित जीप में थाने ले गया। सबके सेलफोन छीन लिए और घर वालों को सूचना नहीं दी। देर शाम कमल के परिजनों को पता चला कि सबको पुलिस ले गई है।
दो लाख रुपए लगेंगे, आगे भी देने हैं
सायं सात बजे कमल के दोस्त गौरव मित्तल ने थाने पर नाथू सिंह से बातचीत की तो उसने 2 लाख की मांग की। इसमें से एक लाख रुपए 11 फरवरी को नाथू को दे दिए। इसके बाद कमल व ललित को छोड़ दिया गया।
बकौल मित्तल उससे थाने पर खाली कागजों पर कमल व ललित को छोड़ने के लिए फर्जी जमानत ली गई। नाथू ने अगले दिन रविंद्र की रिपोर्ट पर शर्मा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया और मित्तल को फोन कर शेष राशि नहीं पहुंचाने पर धमकाना शुरू कर दिया। 12 से 22 फरवरी के बीच नाथू ने सैकड़ों कॉल किए।
गौरव ने सीआई व नाथू को प्लॉट की रजिस्ट्री सहित सभी दस्तावेज पेश किए लेकिन बात नहीं बनी। फोन पर नाथू सिंह ने कई बार धमकाया। इनमें से कई कॉल्स थाने के नंबर (0145-2695124) से भी किए गए। परेशान होकर मित्तल ने एसीबी से शिकायत कर दी।