अजमेर। पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव में पंच, सरपंच व प्रधान पद की लाॅटरी हालांकि अब निकाली जाएगी, लेकिन ओबीसी व अनुसूचित जाति की जनसंख्या के आंकड़ों को देखा जाए तो इस बार जिले की किशनगढ़ पंचायत समिति के प्रधान की कुर्सी ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित होगी। जबकि पीसांगन या सरवाड़ पंचायत समिति में से किसी एक पर प्रधान की कुर्सी पर अनुसूचित जाति वर्ग का प्रतिनिधि काबिज होगा।
प्रशासन को हाईकोर्ट के निर्णय का इंतजार है, अगर चुनाव पुराने चक्र के मुताबिक ही हुए तो पीसांगन प्रधान एससी वर्ग का होगा जबकि पुनर्गठन एवं नए चक्र के मुताबिक चुनाव करवाए गए तो नई बनी सरवाड़ पंचायत समिति का पहला प्रधान एससी वर्ग का होगा। आरक्षण के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो जिले में दो पंचायत समितियों पर ओबीसी का कब्जा होगा। इनमें से एक किशनगढ़ पंचायत समिति में ओबीसी का ही प्रधान बनना तय है। वर्ष 2009 के चुनाव में जवाजा व अरांई पंचायत समिति में प्रधान का पद ओबीसी के लिए आरक्षित हुआ था। वर्ष 2015 में होने वाले चुनाव में जवाजा व अरांई को छोड़कर श्रीनगर, केकड़ी, भिनाय व मसूदा में से ओबीसी वर्ग के लिए लाॅटरी निकाली जा सकती है। आरक्षण लाॅटरी निकालने के आधार पर इन चार पंचायत समितियों में ही किसी एक पर ओबीसी का प्रधान चुना जाएगा। किशनगढ़ पंचायत समिति में वर्ष 1994 से लेकर अब तक के हुए चुनाव में प्रधान की सीट ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित नहीं हो पाई है। ऐसे में अब इस पंचायत समिति को सबसे पहले ओबीसी के लिए आरक्षित किया जा सकता है।
आरक्षण लाॅटरी के लिए कसरत शुरू
पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव के लिए प्रतिनिधियों के आरक्षण की लाॅटरी निकालने के लिए प्रशासन ने कसरत शुरू कर दी है। जिला प्रमुख पद को छोड़कर बाकी सभी पदों के लिए लाॅटरी जिले में ही निकाली जाएगी। लाॅटरी 20 दिसंबर से पहले-पहले निकालकर राज्य निर्वाचन अधिकारी को इसकी इत्तला भिजवानी होगी।
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