पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Content Son, Husband Contract, Under Threat Of Sarpanch Post!

बेटे को सामग्री, पति को ठेका, खतरे में पड़ा सरपंच का पद!

9 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अजमेर.मनरेगा में परिवार के सदस्यों को ही नहीं, रिश्तेदारों तक को ठेका या अन्य किसी तरह का लाभ पहुंचाने पर रोक के बावजूद जवाजा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत गोहाना की सरपंच मीरा देवी ने न केवल अपने बेटे महेंद्र सिंह को सामग्री का ठेका दे दिया, बल्कि अपने पति जेठू सिंह को भी पानी एवं सामग्री परिवहन का ठेका दे डाला।
मामला सामने आने पर मीरा देवी का सरपंच पद खतरे में पड़ गया है। मनरेगा लोकपाल ने सरपंच व उनके परिजनों के अलावा ग्रामसेवक, तत्कालीन विकास अधिकारी और कार्यक्रम अधिकारी को भी जिम्मेदार मानते हुए लपेटे में ले लिया है। गोहाना सरपंच मीरा देवी ने मनरेगा व अन्य योजनाओं के कार्यो पर पुत्र महेंद्र सिंह को पत्थर, बजरी व ग्रेवल का ठेका दे दिया।
महेंद्र सिंह रावत मटीरियल सप्लायर्स व बाबा रामदेव मटेरियल सप्लायर्स के नाम से टेंडर लेकर महेंद्र सिंह ने सामग्री डालकर दोनों फर्मो का भुगतान भी उठा लिया। सरपंच पति जेठू सिंह ने ट्रैक्टर नंबर आरजे01 आर 4891 से सामग्री व पानी का परिवहन कर राशि उठा ली।
इतना ही नहीं, ग्राम पंचायत ने वर्ष 2008-09 में नियमानुसार निविदा आमंत्रित कर सामग्री क्रय की जानी थी लेकिन सरपंच ने अधिकांश कार्य अपने पुत्र से करवाकर बगैर बिल प्राप्त किए ही नियमों के विपरीत वाउचर से भुगतान भी कर दिया। गोहाना के पूरन सिंह ने शिकायत पर मनरेगा के लोकपाल सीएस चौहान ने मामले की जांच करवाई तो अनियमितताएं सामने आ गई।
मुझे तो पढ़ना-लिखना ही नहीं आता नियमों से परे जाकर कार्य करने पर सरपंच मीरा देवी पर आफत आई तो उन्होंने बयान दिए, मैं तो हस्ताक्षर करना ही जानती हूं, पढ़ना-लिखना नहीं आता है। अगर कोई अनियमितता हुई है तो अनपढ़ता के कारण हुई है। जांच अधिकारी ने भी जांच के वक्त कागजों में स्वयं ने ही लिखा है। पढ़कर भी नहीं सुनाया और मेरे से हस्ताक्षर करवा लिए।
निविदा में मेरे पुत्र ने भी भाग लिया तथा सबसे कम दर उसी की थी, इसलिए सामग्री उसी से डलवाई। मेरा पुत्र मेरे से 7-8 वर्षो से अलग रह रहा है। 8 लाख की होगी वसूली मनरेगा में सामग्री आपूर्ति करने पर सरपंच ने अपने पुत्र महेंद्र सिंह से वेट की 6 लाख 91 हजार की राशि नहीं वसूली और 1 लाख 3 हजार 244 रुपए की टीडीएस राशि नहीं ली। इस पर अब सरपंच से यह राशि वसूल की जाएगी।
सामने आई अनियमितता
'मनरेगा में अनियमितता सामने आई है। गोहाना सरपंच मीरा देवी के खिलाफ राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम 1994 की धारा 38 के अंतर्गत कार्रवाई की सिफारिश की गई है। नियमों के तहत परिजन या रिश्तेदार को टेंडर नहीं दिया जा सकता। 8 लाख की वसूली के अलावा ग्रामसेवक व विकास अधिकारी एवं कार्यक्रम अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई प्रस्तावित है।'
- सीएस चौहान, लोकपाल महानरेगा
सरपंच के खिलाफ एफआईआर की सिफारिश
जिले की गोहाना ग्राम पंचायत में मनरेगा कामों में सरपंच द्वारा अपने ही बेटे को ठेका देने तथा नौ श्रमिकों के एक ही दिन में दो-दो कामों पर मजदूरी के मामले में जिला परिषद के लोकपाल ने कलेक्टर को कार्रवाई की अनुशंषा की है।
गोहाना ग्राम पंचायत की सरपंच के खिलाफ पूरन सिंह ने शिकायत की थी। जांच में पाया गया कि सरपंच मीरा देवी ने मनरेगा कामों में निर्माण सामग्री का ठेका नियमों को ताक में रख कर बिना निविदा के ही अपने बेटे महेंद्र सिंह रावत को दे दिया।
लोकपाल ने जांच के बाद गोहाना सरपंच के खिलाफ पंचायत अधिनियम की धारा 38 में तत्कालीन ग्राम सचिव के खिलाफ धारा 91(क) में कार्रवाई की अनुशंषा की है। इसके साथ ही पंचायत समिति के लेखा सहायक, विकास अधिकारी एवं जवाजा पंचायत समिति के कार्यक्रम अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ सन 2008-09 की अवधि का विशेष अंकेक्षण की अनुशंषा की है।
मजदूर एक काम दो-दो जगह
गोहाना पंचायत के ही शंकर सिंह की शिकायत की जांच की गई तो जिला परिषद के लोकपाल ने पाया कि श्रमिक ललिता, हीरी, संतोष, केसर सिंह, रामदयाल, रघुवीर सिंह, शंकर तथा सुभाष के नाम पंचायत के कामों व जल ग्रहण योजना के कामों पर एक ही अवधि में दोनों के हाजिरी रजिस्टर में पाए गए। लोकपाल ने पंचायत के आपराधिक प्रकरण की एफआईआर दर्ज कराने के लिए कलेक्टर को अनुशंसा की है।