ब्यावर (अजमेर)। अजमेर के ब्यावर में बुधवार सुबह समुदाय विशेष के धार्मिक स्थल में तोड़फोड़ को लेकर तनावपूर्ण हालात हो गए। तोड़फोड़ कर भागते तीन युवकों को लोगों ने पकड़कर कमरे में बंद कर लिया जिन्हें बाद में पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस ने आरोपियों को बड़ी मुश्किल से भीड़ के गुस्से का निशाना बनने से बचाया। घटना के विरोध में प्रदर्शन के दौरान रोडवेज बस पर पथराव किए जाने से माहौल गर्मा गया। पुलिस ने लाठियां भांजकर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा।
सुरक्षा व कानून व्यवस्था के लिहाज से आरएसी व आस-पास के थानों से अतिरिक्त पुलिस जाप्ता भी ब्यावर बुलवा कर तैनात किया गया। एहतियात के तौर पर ब्यावर उपखंड में 18 फरवरी तक धारा 144 लागू कर दी गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सतीशचंद्र जांगिड़ ने ब्यावर पहुंच कर समझाइश वार्ता की। साथ ही दोषी लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने का आश्वासन देते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। इसके अलावा उपखंड अधिकारी भगवती प्रसाद, सहायक पुलिस अधीक्षक जय यादव, तहसीलदार मदनलाल जीनगर समेत सिटी थाना प्रभारी सतेंद्र सिंह नेगी ने भी समाज के लोगों से अपने स्तर पर समझाइश वार्ता कर शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
जानकारी के अनुसार सुबह 10 बजे समुदाय विशेष के उपासना स्थल में मौजूद लोगों ने कुछ टूटने की अावाज सुनी। लोगों ने तीन युवकों को तेजी से भागते देखा तो उन्होंने युवकों को पकड़ कर रोक लिया। इसी दौरान उपासना स्थल में जाकर लोगों ने देखा तो माइक व मिंबर क्षतिग्रस्त देखा। पवित्र ग्रंथ से भी बेअदबी हुई थी। तीनों युवकों को कमरेे में बंद कर दिया गया। मामले की जानकारी मिलते ही भीड़ जमा होने लगी। इसी दौरान युवकों पर हमला होने की आशंका के चलते सुरक्षा के लिहाज से समाज के पदाधिकारियों ने पुलिस को तत्काल सूचना दी।
सिटी थाना प्रभारी सतेंद्र सिंह नेगी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। आरोपियों को बाहर निकाले जाने के दौरान आक्रोशित भीड़ तीनों युवकों को पुलिस के घेरे से छुड़ाने के लिए टूट पड़ी। पदाधिकारियों ने आक्रोशित लोगों से समझाइश कर बड़ी मुश्किल से बाहर निकलवाया। तब कहीं जाकर आरोपियों को थाने लाया जा सका।
तीनों आरोपी गिरफ्तार
समाज सदस्यों की ओर से सिटी थाने में एफआईआर दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने तीनों युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए तीनों आरोपी सगे भाई हैं। थाना प्रभारी सतेंद्र सिंह नेगी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी पाली जिलांतर्गत समीपवर्ती सेंदड़ा क्षेत्र के रेलड़ा-चैनपुरा निवासी मोहन सिंह रावत के बेटे है। इनमें शंकरसिंह रावत (22), गोपाल सिंह (20), और प्रतापसिंह (18) शामिल है। बड़ा भाई शंकरसिंह जोधपुर में ट्रैक्टर चलाता है और गोपालसिंह वहीं मजदूरी करता है। सबसे छोटा भाई प्रतापसिंह मोहम्मद अली स्कूल में 12वीं कक्षा का छात्र है।
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