अजमेर। वकीलों की हड़ताल 68 दिन बाद टूटने के साथ ही जिला न्यायालय और राजस्व मंडल सहित अधीनस्थ अदालतों में न्यायिक कामकाज सुचारू हो गया है। सोमवार को जिला बार एसोसिएशन ने साधारण सभा आयोजित कर हड़ताल तोड़ने का ऐलान किया।
जिस तरीके से राज्य संघर्ष समिति और जयपुर हाईकोर्ट बार के वकीलों ने हड़ताल को स्थगित किया उस पर वकीलों ने साधारण सभा में रोष जाहिर किया। वकीलों का कहना था कि अजमेर के वकीलों ने कंधे से कंधा मिलाकर जयपुर बार का समर्थन किया लेेकिन उन्होंने हड़ताल स्थगित करने के पहले न तो अजमेर जिला बार एसोसिएशन से विचार विमर्श किया गया और न ही हड़ताल स्थगित करने की सूचना दी गई।
सोमवार को सुबह 11.30 बजे जिला न्यायालय बार एसोसिएशन की साधारण सभा बार अध्यक्ष अजय त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। त्रिपाठी ने साधारण सभा में वकीलों को अवगत कराया कि राजस्थान एडवोकेट संघर्ष समिति ने आंदोलन व हड़ताल को स्थगित करने निर्णय लिया है।
राज्य संघर्ष समिति के आह्वान पर ही राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया गया था। इसलिए जब राज्य संघर्ष समिति ने ही आंदोलन स्थगित कर दिया है तो यहां जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है। वकीलों का कहना था कि राज्य संघर्ष समिति के पदाधिकारियों सहित जयपुर बार के जो वकील समझौता करने गए थे उन्हें इस बाबत दूसरी बार एसोसिएशन से भी वार्ता करनी चाहिए थी।
कहा गया कि चंद वकीलों ने जयपुर में न्यायिक प्रशासन से वार्ता कर अपने स्तर पर आंदोलन स्थगित कर दिया। बार अध्यक्ष अजय त्रिपाठी और सचिव धर्माराम चौधरी ने बताया कि समिति द्वारा जो निर्णय व समझौता राज्य की सभी जिला बार एसोसिएशन को विश्वास में लिए बिना और बगैर सहमति के अकेले कर लिया, जो निंदनीय है।
जिला संघर्ष समिति के संयोजक धर्मेंद्र चौहान, प्रियदर्शी भटनागर और हरिसिंह गुर्जर ने राज्य संघर्ष समिति के अध्यक्ष गोपेश कुंभज को भर्त्सना पत्र भेजकर विरोध जताया है।
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