तीन प्रस्ताव खारिज, एक प्रस्ताव को संशोधन कर पुन: पेश करने को कहा, कांग्रेस पार्षदों का हंगामा, महिला कांग्रेस पार्षद बैठी धरने पर, एक बार सदन को करना पड़ा स्थगित, नेता प्रतिपक्ष ने कहा-गत साधारण सभा में जो निर्णय हुए, उनकी तो अब तक पालना हुई ही नहीं, आपस में उलझे भाजपा-कांग्रेसी पार्षद, महिला कांग्रेस पार्षदों ने दिया धरना
अजमेर। नगर निगम में बजट को लेकर आयोजित साधारण सभा हंगामेदार रही। सदन के पटल पर रखे गए अनुमानित बजट के आंकड़ों पर पार्षदों ने अंगुली उठाई। भाजपा पार्षद दल के मुख्य सचेतक भागीरथ जोशी ने कह दिया कि फर्जी बजट तैयार किया गया है। नेता प्रतिपक्ष नरेश सत्यावना ने कहा कि गत साधारण सभा में जो निर्णय हुए, उनकी अब तक पालना ही नहीं हुई है। भाजपा पार्षद संपत सांखला ने कहा कि कई अधिकारी तो ऐसे हैं जो कभी साधारण सभा में आते ही नहीं हैं। उन्हें बजट सत्र में उपस्थित होने के लिए पाबंद किया जाए।
सदन के पटल पर 17 प्रस्ताव रखे गए। इसमें तीन खारिज हुए और एक प्रस्ताव में संशोधन कर पुन: साधारण सभा में पेश करने को कहा गया। भागीरथ जोशी ने बजट पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो आंकड़े पेश किए गए, उनकी पूर्ति निगम कैसे करेगा, इसका कहीं पर उल्लेख नहीं किया गया है। जोशी ने कहा कि जब भूमि विक्रय का 15 प्रतिशत आवासन मंडल से लेना है तो वर्ष 2014-15 में क्यों नहीं लिया गया। अन्य प्रशासकीय व्यय 326 लाख से बढ़ाकर 384 लाख कर दिया, जबकि वर्ष 2014-15 में यह व्यय 182 लाख ही था। इसी प्रकार कूड़ा, कचरा व सफाई का खर्च 1200 से बढ़ाकर 1800 लाख कर दिया। यह राशि किस प्रकार निगम को प्राप्त होगी, इसका भी खुलासा नहीं है।
कब आएंगे शव वाहन
नेता प्रतिपक्ष नरेश सत्यावना ने कहा कि गत साधारण सभा की बैठ में प्रस्ताव पास करते हुए दो शव वाहन खरीदने पर सहमति हुई थी, लेकिन अब तक उक्त वाहनों को खरीदा नहीं गया है। अन्य वाहन खरीद पर 100 लाख और जीप, कार, आवारा जानवर पिंजरा खरीद पर 50 लाख रुपए का प्रावधान रखा है। आमजन से जुड़ी इस सुविधा को दरकिनार किया गया है। विरोध को देखते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीआर मीणा ने कहा कि शीघ्र ही दो शव वाहनों की खरीद की जाएगी।
प्रमुख निर्णय
शहर की भावी जनसंख्या, व्यापार एवं जनसुविधाओं के मद्देनजर भावी योजना बनाने एवं विकास कार्य को गति देने के उद्देश्य से अतिरिक्त मुख्य नगर नियोजक पद के सृजन का प्रस्ताव सदन में रखा गया था। पार्षदों ने इस प्रस्ताव को यह कहकर खारिज कर दिया कि इससे निगम पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। फिलहाल निगम को उक्त पद की आवश्यकता नहीं है। इसी प्रकार केंद्र सरकार द्वारा अजमेर को हैरिटेज व स्मार्ट सिटी घोषित किया गया है। ऐसे में निगम के स्वास्थ्य निरीक्षकों को निगम कार्य के लिए निजी वाहनों का उपयोग किया जाता है। उन्हें कार्य दिवस के दौरान प्रतिदिन एक लीटर पेट्रोल दिए जाने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे सभी पार्षदों ने खारिज कर दिया।
कौन हैं पंडित भार्गव?
सदन में उस समय हास्यास्पद स्थिति हो गई, जब कांग्रेस पार्षद दल के मुख्य सचेतक नौरत गुर्जर ने पूछा कि पंडित मुकुट बिहारी लाल भार्गव काैन हैं? उनकी जीवनी सदन में रखी जाए। हुआ यूं कि प्रस्ताव संख्या दो में गांधी भवन से सोफिया कॉलेज (कचहरी रोड होते हुए) तक के मार्ग का नामकरण पंडित मुकुट बिहारी लाल भार्गव के नाम करने का प्रस्ताव रखा गया था। इस पर कांग्रेस पार्षद आशा तुनवाल ने इसका विरोध करते हुए कहा कि भार्गव की जगह उनके क्षेत्र में ऐसे कई लोग हैं, जिन्होंने बहुत काम किए हैं। इस पर गुर्जर ने सदन से ही पूछ लिया कि भार्गव की जीवनी बताई जाए। भागीरथ जोशी, नीरज जैन ने भार्गव के बारे में जानकारी दी।