अजमेर। स्मैक, चरस, गांजा से भी जहरीला नशा एमडी का कारोबार शहर में जड़ें जमा चुका है। दरगाह इलाके में बुधवार को नशीले पदार्थ की पुड़िया बेचते पकड़े गए कासम ने चौकाने वाली जानकारी पुलिस को दी है। कासम ने बताया है कि शिक्षित और धन संम्पन्न परिवारों के ज्यादातर युवा इस नशे की गिरफ्त में फंसे हुए हैं।
एक हजार रुपए प्रति ग्राम की कीमत से एमडी धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। एमडी नशे के कारोबार के सूत्रधार मुंबई में है, अजमेर में नशीले पदार्थ का अवैध कारोबार करने वालों को मुंबई से एक किन्नर एमडी की खेप पहुंचाता है। दरगाह थाना पुलिस आरोपी कासम के बयान के आधार पर नशे के कारोबार के नेटवर्क को खंगाल रही है। थाना प्रभारी भूपेन्द्र सिंह के अनुसार कासम से बरामद नशीले पदार्थ को एफएसएल जांच के लिए भेजा जाएगा।
जहर का नाम है माफिया डॉन
नशे के कारोबार से जुड़े लोग एमडी को माफिया डॉन के नाम से पुकारते हैं। नशीले पदार्थ एमडी की पुड़िया बेचते दरगाह पुलिस के हत्थे चढ़ा कासम मूल रूप से पश्चिम बंगाल का निवासी है। करीब 22 साल से वह अजमेर में रह रहा है। लंबे समय से वह नशीले पदार्थ के अवैध कारोबार से जुड़ा है्। वर्ष 2011 में वह गांजे के साथ उसे गिरफ्तार किया गया था। पुलिस तफ्तीश में कासम ने नशे के कारोबार की शक्ल में मौत बांट रहे अपराधियों के नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस को दी है। कासम के अनुसार एनडीपीएस एक्ट के शिकंजे से बचने के लिए नशे के कारोबारियों ने स्मैक, चरस, गांजे के विकल्प के तौर पर नशीले पदार्थ एमडी का धंधा शुरू कर दिया है।
हर महाना छठी पर मुंबई से आती है जहर की खेप
पुलिस के अनुसार आरोपी कासम ने बताया है कि एमडी नामक नशीले पदार्थ की खेप मुंबई से एक किन्नर हर महाना छठी के मौके पर अजमेर पहुंचाता है। एक ग्राम एमडी की कीमत करीब 3200 रुपए होती है। एमडी की कीमत स्मैक से कई गुना ज्यादा है। दरगाह और पुष्कर इलाके में एमडी नशे की लत के शिकार युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। नशीला पदार्थ एमडी का सेवन करने वाले की नसों में सुन्नपन आ जाता है। एक ग्राम एमडी के सेवन का असर करीब आठ घंटे तक रहता है, इसके बाद नशेड़ी को तलब से बैचेनी होती है, मजबूरन उसे एमडी का सेवन करना पड़ता है। ज्यादातर लोग एनर्जी बढ़ाने और सेक्स पावर बढ़ाने के भ्रम में नशे की गिरफ्त में फंसे हैं।
मुंबई में म्याऊ-म्याऊ : नशीले पदार्थ एमडी को नशेड़ी और नशे के कारोबार से जुड़े लोग मुंबई में म्याऊ-म्याऊ के नाम से और अजमेर में माफिया दाऊद के नाम से जानते हैं। अजमेर में इसका प्रचलन करीब छह महीने से बढ़ा है। जिले में पहली बार दरगाह थाने में एमडी ड्रग्स का मामला दर्ज हुआ है।
(फोटो- पकड़ा गया नशा)