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एक्सपायरी डेट को पार कर चुकी दवा इंजेक्ट की जाने वाली थी प्रसूता को

7 वर्ष पहले
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प्रसूति विंग में प्रसूता को लगने आया यह इंजेक्शन।
अजमेर। राजकीय अमृतकौर अस्पताल में लापरवाही के मामले थमने के नाम नहीं ले रहे हैं। प्रसूति विंग में रविवार को एक प्रसूता को लगने के लिए लाया गया विटामिन बी कॉम्पलेक्स का इंजेक्शन अवधि पार निकला। इसकी अवधि दो माह पूर्व जुलाई में ही समाप्त हो गई थी। लेकिन यह इंजेक्शन अभी भी गाइनिक विंग में बड़ी मात्रा में पड़े हैं आैर पता नहीं कितने ही लग भी चुके हैं। इस घटना से एक बार फिर प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है।
दो माह हो गए खराब हुए
राजकीय अमृतकौर अस्पताल के लेबर रूम, पोस्ट गाइनिक वार्ड और गाइनिक वार्ड में प्रसूताओं को लगाए जाने वाले इंजेक्शन विटामिन बी कॉम्पलेक्स का स्टॉक रखा है। प्रसूताओं को कमजोरी की शिकायत होने पर उन्हें ताकत के लिए ये इंजेक्शन लगाए जाते हैं। रविवार को जब यह इंजेक्शन प्रसूता को लगने आया तो खुलासा हुआ। इंजेक्शन विटामिन बी कॉम्पलेक्स बैच नंबर 11-429 की निर्माण तिथि फरवरी 2013 है और अवसान तिथि जुलाई 14 थी। उनकी अवधि दो माह पूर्व ही समाप्त हो चुकी है।
गनीमत रही कि किसी को नुकसान नहीं हुआ
शुक्रवार को ही ज्वाइंट कमिश्नर मधु विजयवर्गीय ने इस अस्पताल के लेबर रूम का निरीक्षण निरीक्षण किया था। जबकि रविवार को घाेर लापरवाही उजागर हो गई। विशेषज्ञ ने बताया कि अवधि पार इंजेक्शन लगाने से मरीज को जान का खतरा भी हो सकता है। अवधि पार इंजेक्शन से सबसे ज्यादा खतरा प्रसूताओं और गर्भवती महिलाओं को होता है।
बड़ी लापरवाही
प्रसूति रोग विंग में अक्सर स्टाफ दूसरे कार्यों में व्यस्त रहता है। इंजेक्शन लगाने का काम नर्सिंग स्टूडेंट करता है या नियम विरूद्ध यशोदा भी करती है। कुछ ऐसी ही परिस्थितियों के चलते जोधपुर के एमडीएम अस्पताल में भी मरीजों को जानवरों के इंजेक्शन लग गए थे। ऐसी ही लापरवाही यहां प्रसूताओं की जान पर भी बन सकती थी।
इन्हें जानकारी नहीं
' मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। गायनिक प्रभारी डॉ. उर्मिला पोरवाल से बात कर मामले की जांच की जाएगी।'
-डॉ. केके चौहान, डिप्टी कंट्रोलर