अजमेर. राजस्थान की भूमि ने अनेक वीर सपूतों को जन्म दिया है। यहां पग-पग पर वीरों के साहस और पराक्रम की कहानियां हैं। इन वीरों ने जनता और धर्म की रक्षा के लिए विरोधियों का न सिर्फ डटकर मुकाबला किया, बल्कि हंसते-हंसते अपने प्राणों की बलि तक देने से पीछे नहीं हटे। वहीं राजस्थान के वीरों की रानियां भी कम नहीं थीं। dainikbhaskar.com 'वीरों की गाथा' सीरीज में आज आपको एक ऐसी ही रानी की कहानी बता रहा है।
जसवंत सिंह शाहजहां के खास थे। औरंगजेब के विद्रोह को दबाने के लिए बादशाह ने उनपर भरोसा किया था। उनके जीवित रहते औरंगजेब हिंदुओं पर अत्याचार करने की सोच भी नहीं सका। उनकी मौत के बाद ही औरंगजेब ने हिंदुओं पर जजिया जैसे कर लगाए। इस पराक्रमी राजा ने एक बार ऐसा काम किया कि उनके आने पर रानी ने किले के द्वार बंद करा दिए। बड़े जतन के बाद वो किले के अंदर पहुंचे तो खाना परोसने के दौरान रानी ने कुछ ऐसा किया कि राजा देखकर दंग रह गए।
आखिर ऐसा क्या हो गया था राजा से जो उनके ही किले में उन्हें प्रवेश नहीं मिला और जब मिला तो रानी ने क्या किया उनके साथ। जानने के लिए आगे की स्लाइड्स क्लिक करें...