पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Hearing Will Be On September 29 Again Against Dsp And 8 Inspectors

DSP सहित आठ थानेदारों के खिलाफ 29 सितंबर को फिर से होगी सुनवाई

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अजमेर. थानों से मंथली वसूली और रिश्वत को लेकर मुकदमों की कार्रवाई में हेरफेर के बहुचर्चित मामलों में आरोपी डीएसपी गोपाल लाल सहित आठ थानेदारों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए बहस चार्ज शनिवार को शुरू हुई।
भ्रष्टाचार मामलों की विशेष अदालत के समक्ष अभियोजन और आरोपियों की ओर से पक्ष प्रस्तुत किया गया। आरोपियों की ओर से बहस के लिए और समय की मांग करने पर अदालत ने 29 सितंबर की पेशी तय की है।
मामले के मुख्य आरोपी तत्कालीन पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा, एएसपी लोकेश सोनवाल, डीएसपी गोपाल लाल सहित आरोपी थानेदार पेश हुए। आरोपीगण की ओर से वकील अजय प्रताप कुमार वर्मा, उमरदान लखावत, पीएस सोनी, अशोक बाटड आदि मौजूद थे।
वर्मा ने बताया कि आरोपी डीएसपी गोपाल लाल सहित रविंद्र यादव, हनुवंत सिंह, खान मोहम्मद, बंशीलाल और संजय शर्मा के मामले में चार्ज बहस हो गई है। वहीं प्रमोद स्वामी, कुशाल चौरडिया, सुनील विश्नोई व जयपाल विश्नोई की ओर से पक्ष रखे जाने के लिए अदालत ने 29 सितंबर की पेशी तय की है। इसके बाद अदालत आरोप तय करने संबंधी आदेश जारी करेगी।
अभियोजन और बचाव पक्ष की दलील

अभियोजन व एसीबी की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक एसपी शर्मा ने दलील दी कि आरोपी थाना प्रभारियों ने एसपी राजेश मीणा और लोकेश सोनवाल को रामदेव ठठेरा के जरिये मंथली राशि पहुंचाई, इसके पर्याप्त सबूत हैं।
ठठेरा से मिली पर्चियों में थानों के नाम के साथ ही वसूली गई रकम लिखी गई थी, जो एसपी मीणा के आवास पर ठठेरा की गिरफ्तारी के समय बरामद हुई थी। इसके अलावा आरोपियों की ठठेरा से मुलाकात व बातचीत का भी ब्यौरा माैजूद है।
वहीं बचाव पक्ष का कहना था कि केवल पर्चियों के आधार पर आरोप तय नहीं हो सकता है। टावर लोकेशन के आधार पर आरोपियों की एसपी ऑफिस में मौजूदगी मान ली गई जो सही नहीं है, कोई आरोप नहीं बनता है।