आईजी के निर्देश, 'विवादों में पार्टी नहीं बनें पुलिसकर्मी'

9 वर्ष पहले
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अजमेर.जिला पुलिस के बिगड़े हालात सुधारने के लिए लगातार बैठकें ले रहे अजमेर रेंज के आईजी अनिल पालीवाल ने मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम में नए थाना प्रभारियों की बैठक लेकर दिशा-निर्देश दिए। आईजी ने कहा कि भूमि संबंधी मामलों में पुलिसकर्मी पार्टी नहीं बनें। निष्पक्ष कार्रवाई कर मामलों का निस्तारण करें। साथ ही अपराधियों के नेटवर्क पर सख्त निगरानी रखें। अपराधियों को वारदात से पहले ही धर दबोचने के लिए मुखबिर तंत्र मजबूत करें।
आईजी ने बैठक में अस्थाई तौर पर लगाए गए सभी थाना प्रभारियों का परिचय लिया। बैठक में उन्हें अपने-अपने इलाकों में तंग क्षेत्रों में पैदल गश्त करने के लिए कहा गया।
आईजी ने कहा कि थानाप्रभारी पेंडिंग मामलों की शीघ्र निस्तारण को सुनिश्चित करें। इनका डिस्पोजल कर आदतन अपराधियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाएं। जनता में पुलिस का विश्वास कायम रहे इसके लिए गुंडा तत्वों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर आमजन को राहत पहुंचाएं। कानून व शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्पर रहें।
बैठक में कार्यवाहक एसपी डॉ. रामदेव सिंह, एएसपी डॉ. राजीव पचार, सिविल लाइंस थानाप्रभारी हर्षराज सिंह, दरगाह थानाप्रभारी हनुवंत सिंह भाटी, गंज थानाप्रभारी चेतना भाटी रामगंज थानाप्रभारी गणोशाराम, क्लॉक टावर थानाप्रभारी रामकिशन विश्नोई, पुष्कर थानाप्रभारी हस्तीमल जीनगर और आदर्शनगर थानाप्रभारी ओमप्रकाश वर्मा सहित अन्य पुलिस अधिकारी शामिल थे।
सोनवाल की तलाश में निकली पुलिस टीम
घूसखोरी प्रकरण के बाद निलंबित हुए एडिशनल एसपी (सिटी) लोकेश सोनवाल की तलाश में मंगलवार को पुलिस की टीम जयपुर के वैशाली नगर स्थित आवास पर पहुंची। पुलिस ने सोनवाल के पुश्तैनी गांव बगरू में भी लोगों से जानकारी जुटाई लेकिन नतीजा सिफर रहा। सोनवाल के अजमेर स्थित सरकारी आवास पर पुलिस की निगरानी है। सोनवाल ने रिकॉल नोटिस के बावजूद आमद दर्ज नहीं कराई है।
एक्रीडेशन कमेटी में थे सोनवाल :
फरवरी 2010 में जयपुर में जब भारत-द.अफ्रीका वनडे हुआ था, तब आरसीए ने सोनवाल को सबसे अहम एक्रीडेशन कमेटी का सदस्य बना रखा था। इस कमेटी से जुड़ने के लिए उन्होंने राज्य सरकार से किसी तरह की अनुमति नहीं ली थी। एक्रीडेशन कमेटी ही विभिन्न कार्ड जारी करती थी। इस कमेटी की ही जिम्मेदारी होती थी कि कार्ड बनाने से पहले उस व्यक्ति की पूरी तरह जांच-पड़ताल की जाए। सूत्रों की मानें तो उन्होंने अपने चहेतों के खूब कार्ड बनाए।
पुलिस को पास बांटने की जिम्मेदारी भी :
जयपुर में हुए आईपीएल मैचों के दौरान भी आरसीए की ओर से पुलिस को पास बांटने की जिम्मेदारी सोनवाल के पास ही थी। वे ही तय करते थे कि किस पुलिस अधिकारी को कितने पास देने हैं।
देर रात तक झूमते थे पाटियों में :
राजस्थान जब पहली बार रणजी चैंपियन बना था, तब आरसीए की ओर से शहर के होटल में कई पार्टियों का आयोजन किया गया था। उन पार्टियों में सोनवाल भी झूमते हुए देखे जाते थे। वर्ष 2010 में जब एसएमएस स्टेडियम पर रणजी मैच होते थे, तब सोनवाल भी आरसीए पदाधिकारियों के साथ अधिकांश समय मैदान पर नजर आते थे। आईपीएल की देर रात होने वाली पार्टियों में भी उनकी उपस्थिति रहती थी।