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नन्हे हाथों में थामे तीर-कमान, तो कलेक्टर ने भी दिया खेल विभाग को फरमान

7 वर्ष पहले
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अजमेर. दिल्ली में अक्टूबर 2014 को राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता (इंडियन राउंड) होने जा रही है। इसमें देशभर के तीरंदाज हिस्सा लेंगे। जिला स्तर के बाद राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में क्वालीफाई करने वाले तीरंदाज ही इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकते हैं, लेकिन दुर्भाग्य है कि जिले का कोई भी तीरंदाज राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व नहीं कर पाएगा।
इसके पीछे कारण यह कि यहां न तो जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया आैर न ही राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का। एक वर्ष से तैयारी में जुटे अजमेर के तीरंदाजों ने मंगलवार को विधायक वासुदेव देवनानी के नेतृत्व में जिला कलेक्टर भवानी सिंह देथा से मुलाकात कर व्यथा सुनाई।
सभी अपने-अपनेे तीर-कमान लेकर कलेक्टर के पास पहुंचे आैर इस मामले में उच्च कार्रवाई की मांग की। कलेक्टर ने आश्वस्त किया है कि जल्द ही जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन होगा।
हमारी क्या गलती, हम क्यों दें दुगनी फीस
दिल्ली में 11 से 25 अक्टूबर तक राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 25 सितंबर तक यदि एंट्री फार्म भरकर जमा करवाया जाता है तो प्रत्येक तीरंदाज को 1000 रुपए देने होंगे, जबकि इस तिथि के बाद 7 अक्टूबर तक विलंब शुल्क सहित 2000 रुपए जमा कराने होंगे।
तीरंदाजों का कहना है कि वह पिछले एक साल से अभ्यास कर रहे हैं, कई बार जिला तीरंदाज संघ को जिला स्तरीय प्रतियोगिता कराए जाने के लिए गुहार की जा चुकी है। लेकिन प्रतियोगिता का आयोजन नहीं करवाया गया।
अगले माह दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता है, यदि 25 सितंबर बाद एंट्री फीस जमा करवाई जाती है तो दुगनी फीस देनी होगी। ज्यादातर तीरंदाज मध्यम परिवार से हैं।
कलेक्टर ने लगाई फटकार

तीरंदाजों की शिकायत मिलते ही जिला कलेक्टर ने एक्शन लिया। खेल अधिकारी सुशीला सुखवाल, जिला तीरंदाजी संघ के सचिव मुकेश खंडेलवाल सहित अन्य पदाधिकारियों को तलब किया।
कलेक्टर ने उन्हें जल्द ही प्रतियोगिता का आयोजन कराने आैर हर वर्ष जिला स्तरीय प्रतियोगिता की तिथि खेल कैलेंडर में जारी करने को कहा है।
अब चेता तीरंदाजी संघ

खेल अधिकारी सुशीला सुखवाल ने बताया कि जिला तीरंदाजी संघ ने 2 अक्टूबर को पटेल मैदान में जिला स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता (इंडियन राउंड) कराने की फिलहाल मौखिक स्वीकृति दी है।
इस प्रतियोगिता में क्वालीफाई होने वाले तीरंदाजों को राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में भेजा जाएगा। तीरंदाजी संघ के सचिव मुकेश कुमार खंडेलवाल का कहना है कि 2 अक्टूबर को प्रतियोगिता का आयोजन होगा।
पटेल मैदान में प्रतियोगिता आयोजित कराई जानी थी, लेकिन दशहरा महोत्सव के कारण ग्राउंड खाली नहीं है। इस वजह से अन्य ग्राउंड तलाशा जा रहा है।
इंडियन राउंड को मान्यता नहीं

खंडेलवाल ने बताया कि राजस्थान में खेल अधिनियम लागू है। इस वजह से राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद जयपुर ने तीरंदाजी के इंडियन राउंड को मान्यता नहीं दे रखी। इसके खिलाड़ियों को कोई भत्ता भी देय नहीं है।
इंडियन राउंड की प्रतियोगिताएं सिर्फ प्रोमोशनल एक्टिविटी के तौर पर पर होती हैं। जिलेभर में ओलंपिक आैर कंपाउंड राउंड का एक भी तीरंदाज नहीं है क्योंकि इनके इक्युपमेंट 1.50 लाख से 5 लाख रुपए के बीच कीमत के आते हैं।

क्या है कंपाउंड ओलंपिक

इंडियन राउंड में लकड़ी का तीर-कमान होता है। जिसकी कीमत 3 से 15 हजार रुपए के बीच होती है। जबकि कंपाउंड आैर ओलंपिक राउंड के तीर-कमान फाइबर के बने होते हैं। यह विदेश निर्मित आैर कीमती होते हैं।
तीरंदाजों को नहीं आने दी जाएगी कोई परेशानी

राजस्थान राज्य तीरंदाजी संघ अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद भूपेंद्र यादव ने आश्वासन दिया है कि दिल्ली में आयोजित होने वाली प्रतियोगिता में यहां के तीरंदाज भी हिस्सा लेंगे। तीरंदाजों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।