अजमेर। आनासागर झील में बोरे में बंद तैरते मिली प्रेमबाई की हत्या महावीर कॉलोनी स्थित निर्माणाधीन मकान में की गई थी। भवन मालिक के नौकर शिवा ने श्रवण और एक अन्य साथी की मदद से वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी शिवा और श्रवण कर्ज में डूबे हुए हैं, कर्ज चुकाने के लिए दोनों की नजर प्रेमबाई के सोने-चांदी के जेवरात पर थी।
जेवर की खातिर ही आरोपियों ने प्रेमबाई का कत्ल किया और लाश बोरे में बांधकर बांडी नदी में फेंक दी थी, लाश फूलने के बाद तैरती हुई झील में आ गई थी। पुलिस वारदात में लिप्त तीसरे अभियुक्त की सरगर्मी से तलाश कर रही है। पुलिस फिलहाल तीसरे आरोपी की पहचान का खुलासा नहीं कर रही है। आरोपी शिवा और श्रवण को गुरुवार को अदालत में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है।
आरोपियों से मृतका के जेवर बरामद
पुलिस के मुताबिक आरोपी फॉयसागर रोड स्थित काली का मंदिर के निकट रहने वाले श्रवण गुर्जर (60) पुत्र देवीलाल और भीलवाड़ा स्थित नसाड़िया बनेड़ा निवासी हाल महावीर कॉलोनी में बतौर किराएदार रहने वाले शिवा उर्फ सुखदेव गुर्जर (27) पुत्र मेवाराम की निशानदेही पर सोने की टाप्स और लॉकेट पुलिस ने बरामद कर लिया। आरोपियों से चांदी के कड़े की बरामदगी बाकी है। वारदात में लिप्त तीसरे आरोपी की तलाश की जा रही है।
निर्माणाधीन मकान में हुई वारदात
आरोपी शिवा ने बयान में पुलिस को जानकारी दी है कि उसने मालिक माणक चंद्र रांका के महावीर कॉलोनी स्थित निर्माणाधीन मकान में प्रेम बाई की हत्या श्रवण और एक अन्य साथी के साथ मिलकर की थी। गंज थाना प्रभारी चेतना भाटी ने बताया कि आरोपी शिवा और श्रवण से मौका ए वारदात की तस्दीक करवा ली गई है। आरोपी शिवा ने बताया कि उसे पता था कि मालिक रांका का निर्माणाधीन मकान सुनसान रहता है, इस कारण प्रेमबाई को वहां ले गए और उसकी गला घोंट कर हत्या कर दी। पुलिस तीसरे आरोपी की सरगर्मी से तलाश कर रही है।