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चांद नजर नहीं आया, ईद उल अजहा 6 को, महाना छठी 2 अक्टूबर को मनेगी

7 वर्ष पहले
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अजमेर. हिजरी संवत के जिलहिज्जा महीने का चांद गुरुवार को नजर नहीं आया। अब मुस्लिम समुदाय 6 अक्टूबर को ईद उल अजहा मनाएगा। इधर, ख्वाजा गरीब नवाज की महाना छठी 2 अक्टूबर को मनाए जाएगी।

दरगाह में मगरिब की नमाज के बाद हिलाल कमेटी की बैठक हुई। इसकी सदारत शहर काजी मौलाना तौसीफ अहमद सिद्दीकी ने की। तारागढ़ भेजे गए दल ने चांद नहीं दिखाई देने की बात कही। इधर विभिन्न शहरों में भी चांद के संबंध में संपर्क किया गया, लेकिन चांद की शहादत नहीं मिली।
इसे देखते हुए अब जीकादा महीने की 30 तारीख को ही चांद रात मानी जाएगी। शनिवार को जिलहिज्जा महीने की पहली तारीख होगी। 6 तारीख 2 अक्टूबर को होगी। इसी दिन सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की महाना छठी मनाई जाएगी। इस बार छठी और गांधी जयंती दोनों एक ही दिन पड़ रहे हैं।
चांद की 10 तारीख 6 अक्टूबर को होगी। इसी दिन ईद उल अजहा मनाई जाएगी। ईद का यह त्योहार 8 अक्टूबर तक मनाया जाएगा।

...तो एक महीने में ही दो बार मनाते छठी

यदि जिलहिज्जा महीने का चांद गुरुवार को नजर आ जाता तो इस बार आशिकान ए ख्वाजा एक ही महीने में दो बार गरीब नवाज की छठी मनाते। चांद की 29 तारीख गुरुवार को हो जाती तो छठी 1 अक्टूबर को होती। साथ ही अगली छठी भी अक्टूबर महीने में ही 31 को मनाई जाती।
इसके पीछे आधार यह है कि हिजरी संवत में महीने में 29 या 30 दिन का होता है। आम तौर पर 29 दिन में ही महीना पूरा हो जाता है। इधर अक्टूबर का महीना 31 दिन का है। इसे देखते हुए दो छठी एक महीने में आ जाती, लेकिन चांद नजर नहीं आने पर अब अक्टूबर में भी एक ही छठी होगी।