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डाउनलोड करेंअजमेर। उत्तर-पश्चिम रेलवे जोन के जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और अजमेर मंडलों में क्लोज्ड यूजर ग्रुप (सीयूजी) प्लान के तहत दिए गए मोबाइल कनेक्शन के बिलों में करीब एक करोड़ रुपए से अधिक की अनियमितताएं सामने आई है। रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों ने तय राशि से कई गुना अधिक के फोन कॉल किए, लेकिन वसूली नहीं की जा रही। अजमेर मंडल कार्यालय में करीब 30 लाख रुपए बकाया हैं। यह राशि रेलवे के आला अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक से वसूली जानी है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाला तथ्य यह है कि वसूली की जिम्मेदारी जिस कार्मिक विभाग की है उस विभाग के अफसरों व कार्मिकों पर ही लाखों रुपया बकाया है।
आरटीआई के तहत 'भास्कर ने जब इस बारे में जानकारी हासिल की तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। हालांकि रेलवे के अफसरों ने इसे भरसक छुपाने का प्रयास किया कि कहां, किसका व कितना बकाया है। लेकिन भास्कर ने अपने अधिकारिक सूत्रों से रेलवे के सीयूजी प्लान की सटीक जानकारी जुटाई। आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक रेलवे बोर्ड के निर्देश पर अजमेर जोन में सीयूजी प्लान 2008 से लिया गया। आरटीआई में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि कई कर्मचारी तो रिटायर्ड हो चुके हैं, लेकिन रेलवे के सीयूजी प्लान के तहत लिए कनेक्शनों के बिलों का भुगतान उनसे अब तक नहीं वसूला गया। हैरत की बात यह है कि विभागीय तालमेल नहीं होने से रिकवरी लिस्ट भी समय पर कार्यालय को उपलब्ध नहीं हो पाती।
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