अजमेर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने मंगलवार को प्रायोगिक परीक्षाओं की अंतिम तिथि बढ़ाकर 28 फरवरी कर दी है। पहले अंतिम तिथि 16 फरवरी थी। शिक्षकों द्वारा पंचायती राज चुनावों में ड्यूटी देने के कारण राज्य के कई स्कूलों में प्रायोगिक परीक्षाओं की तैयारियों पूरी नहीं हो सकी, इस वजह से बोर्ड ने अंतिम तिथि बढ़ाई है।
बोर्ड के अनुसार राज्यभर में 8470 स्कूलों में 15 जनवरी से नियमित परीक्षार्थियों की प्रायोगिक परीक्षाएं ली जा रही हैं। करीब 75 फीसदी बच्चे परीक्षा दे चुके हैं। 16 फरवरी को प्रायोगिक परीक्षाएं समाप्त होनी थी, लेकिन शिक्षकों की ड्यूटी पंचायती राज चुनावों में लगाए जाने से राज्य के कई स्कूलों में परीक्षा व्यवस्था गड़बड़ा गई। प्रयोगशालाओं में तैयारियों पूरी नहीं होने के कारण बोर्ड ने अंतिम तिथि बढ़ा दी है। स्वयंपाठी परीक्षार्थियों की प्रायोगिक परीक्षाएं 18 फरवरी से 25 फरवरी तक आयोजित की जाएंगी। राज्यभर में करीब 3 हजार स्वयंपाठी परीक्षार्थी हैं।
प्रायोगिक परीक्षा की निगरानी के लिए बोर्ड के आदेशों पर शिक्षा विभाग द्वारा अब तक आब्जर्वर लगाए जाते थे, लेकिन अब हर जिले में विशेष उड़न दस्ते का गठन किया गया है। दस्ते में स्कूली और कॉलेज व्याख्याताओं को शामिल किया गया है।