अजमेर। आरपीएससी के बाहर फिर निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। इस संबंध में गुरुवार को कलेक्टर डॉ. आरुषि मलिक ने आदेश जारी किए। आदेशानुसार आयोग कार्यालय की बाहरी चारदीवारी के 100 मीटर परिधि क्षेत्र की सीमाओं के भीतर निषेधाज्ञा लागू की गई है। निषेधाज्ञा 13 अप्रैल तक प्रभावी रहेगी। कलेक्टर के अनुसार आयोग के उपसचिव (प्रशासन) भगवत सिंह राठौड़ द्वारा पत्र भेज कर संवैधानिक संस्था आयोग के परिधि क्षेत्र में धरना, प्रदर्शनकारियों के प्रवेश को निषिद्ध रखने व ध्वनि विस्तारक यंत्रों को निषिद्ध किए जाने की मांग की गई थी।
आयोग कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन व ध्वनि विस्तारक यंत्रों से संवैधानिक संस्था की गरिमा को ठेस पहुंचती है। साथ ही दैनिक कार्य भी बाधित होते हैं। इन परिस्थितियों के मद्देनजर निषेधाज्ञा लागू की गई है। निषेधाज्ञा अवधि के दौरान प्रतिबंधित क्षेत्र में पांच या पांच से अधिक व्यक्ति इकट्ठे होकर किसी भी प्रकार का जमाव, धरना, प्रदर्शन, नारेबाजी नहीं कर सकेंगे। किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग नहीं करेंगे।
इन पर लागू नहीं होंगे
डॉ. मलिक के मुताबिक यह आदेश ड्यूटी पर तैनात राजस्थान सशस्त्र बल, राजस्थान सिविल पुलिस बल, होमगार्ड एवं आयोग के अधिकारियों व कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा।
समय-समय पर लगती रही है धारा 144
आयोग सूत्रों के मुताबिक करीब 2 साल से समय-समय पर आयोग के बाहर धारा 144 लगती रही है। आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष हबीब खान गौराण के काल में सबसे पहले द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा 2011, एचएम परीक्षा और पीटीआई परीक्षा 2011 के अभ्यर्थियों के लगातार धरने-प्रदर्शन को रोकने के लिए जिला प्रशासन से क्षेत्र में धारा 144 लगाने का आग्रह किया गया था। इसके बाद से लगातार यह सिलसिला जारी है।