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लोकपाल के दायरे में आए रेल कर्मी, रेलवे बोर्ड के आदेश से मचा हड़कंप

7 वर्ष पहले
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अजमेर. कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय (कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग) नई दिल्ली ने अधिसूचना जारी कर रेल कर्मचारियों को लोकपाल के दायरे में लिया है। रेल मंत्रालय ने सभी महाप्रबंधक (कार्मिक), भारतीय रेल एवं उत्पादन इकाइयों को उक्त आदेश की प्रति भेज दी है।
लोकपाल के दायरे में आने के बाद रेल सेवकों को अपनी संपत्ति का ब्यौरा देना होगा। गलत सूचना देने पर उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं रेल कर्मचारियों के लोकपाल के दायरे में आने से खलबली मच गई गई है। लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम-2013 की धारा 44 के तहत रेल सेवक को पहली नियुक्ति संबंधी जानकारी देनी होगी। 44 (2) के तहत पत्नी, आश्रित बालकों की जानकारी शामिल है।
कर्मचारियों को यह भी जानकारी देनी होगी, जिसमें लोक सेवक या तो कर्ता, या किसी सदस्य के रूप में परिवार की संपत्तियों में सह समांशी अधिकारों के साथ हिन्दू अविभक्त कुटुंब का सदस्य है तो उसे ऐसी संपत्ति में अपना भाग का मूल्य बताना होगा।
चार प्रारूप में देनी होगी जानकारी
रेल सेवकों को चार प्रारूप में अपनी जानकारी विभाग को देनी होगी। पहले प्रारूप में लोक सेवक को पत्नी अथवा पति और आश्रित बालकों की जानकारी देनी होगी। दूसरे में पहली नियुक्ति सहित संपत्ति का विवरण स्वयं का एवं पति या पत्नी और आश्रित बालकों के नाम संपत्ति, जिसमें स्वयं के हाथ में नकदी, पत्नी के पास, आश्रित बालकों के पास कितनी नकदी है की जानकारी देनी होगी।
साथ ही बैंक व बचत खातों की जानकारी सरकारी एवं गैर सरकारी कंपनियों में निवेश व जमा रकम, बॉन्ड, राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र, डाक बचत, बीमा पॉलिसियों का ब्यौरा, भविष्य निधि एवं नई पेंशन स्कीम में जमा का ब्यौरा, किसी से उधार लिया हो अथवा दिया हो और आभूषण की जानकारी देनी होगी।
प्रारूप तीन में संपत्ति का ब्यौरा जिसमें भू-खंड, मकान, दुकान आदि की जानकारी शामिल है। जो भूमि रेल सेवक के पास है वह उसके पास कैसे और कब आई यह भी बताना होगा। चौथे प्रारूप में ऋण संबंधी जानकारी देनी होगी। मूल वेतन से अधिक संपत्ति नहीं होनी चाहिए। वाहन का खरीदना आैर भवन निर्माण की जानकारी देनी होगी।
सांकेतिक चित्र