अजमेर। सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 801वें उर्स में आने वाले कलंदरों का सिलसिला शुक्रवार से शुरू हो गया। कलंदरों का जुलूस शनिवार शाम को गंज स्थित उस्मानी चिल्ले से दरगाह तक निकाला जाएगा। इधर गरीब नवाज की मजार पर साल भर पेश किए जाने वाला संदल शुक्रवार रात को खादिमों द्वारा उतारा गया। दिल्ली स्थित महरौली शरीफ से गरीब नवाज की दरगाह तक पैदल आने वाले मस्त व कलंदर शुक्रवार शाम तक गेगल पहुंच गए।
गेगल में इन मस्त-कलंदरों का इस्तकबाल गया। पैदल आने वाले कलंदर अपने साथ छड़ियां लेकर आए। दिल्ली से अजमेर तक जगह-जगह गरीब नवाज के उर्स की इत्तिला-ए-आमद देते हुए कलंदर अजमेर पहुंच रहे हैं। गेगल के बाद यह लोग गंज स्थित उस्मानी चिल्ले पर रात तक पहुंचना शुरू हो गए। यहां गुदड़ी शाही खानकाह द्वारा इनके ठहरने, भोजन व व चिकित्सा की व्यवस्था की गई।
जुलूस में होंगे गाजे-बाजे और सूफियाना कलाम शनिवार को शाम 4 बजे कलंदर व मस्तों का जुलूस गाजेबाजे व सूफियाना कलाम के बीच निकलेगा। कलंदर व मस्त हैरत-अंगेज करतब पेश करते हुए चलेंगे। जगह-जगह जुलूस का स्वागत किया जाएगा। यह जुलूस गंज, देहली गेट, धानमंडी, दरगाह बाजार होते हुए रोशनी के वक्त से पूर्व दरगाह पहुंचेगा। दरगाह के निजामगेट पर खादिमों द्वारा जुलूस का स्वागत किया जाएगा। इसके बाद कलंदर व मस्त अपने साथ लाई छड़ियां दरगाह में जगह-जगह लगाएंगे।
संदल उतारा, जायरीन को किया तकसीम शुक्रवार को ही मगरिब की नमाज के बाद आस्ताना शरीफ में खादिमों द्वारा गरीब नवाज की मजार से संदल उतारा गया। खादिम सैयद कुतुबुद्दीन सखी के मुताबिक सिने कलाकार गुलफिशां खान ने शुक्रवार को दरगाह जियारत की और संदल हासिल किया। इधर पहले दिन जो जायरीन मौके पर रहे उन्हें इसे तकसीम किया गया। जन्नती दरवाजा खुला उर्स को देखते हुए जन्नती दरवाजा शनिवार तड़के जियारत के लिए खोल दिया गया।
रजब महीने का चांद शनिवार को नजर आने पर यह दरवाजा रजब की 6 तारीख तक खुला रहेगा। चांद दिखाई नहीं देने पर शनिवार रात को इसे फिर मामूल कर दिया जाएगा। ऐसे में इसे रविवार तड़के वापस खोला जाएगा। अहाता-ए-नूर में भी होगी महफिल ख्वाजा साहब के उर्स के मौके पर अहाता-ए-नूर में भी महफिल का आयोजन किया जाएगा। खादिम एसएफ हसन चिश्ती ने बताया कि चांद की पहली रात से चांद की नौवीं शब तक ईशा की नमाज के बाद दरगाह के अहाता-ए-नूर में महफिल शुरू होगी जो कि देर रात तक चलेगी।
चांद दिखा तो उर्स की रस्म आज रात से
अजमेर त्नजब महीने का चांद दिखाई देने पर शनिवार रात से सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 801 वें उर्स की धार्मिक रस्में शुरू हो जाएगी। चांद नजर नहीं आने पर रस्मों की शुरुआत रविवार रात से होगी। दरगाह में मगरिब की नमाज के बाद हिलाल कमेटी की बैठक होगी। जमादिउस्सानी महीने की 29 तारीख को देखते हुए शनिवार को दरगाह में हिलाल कमेटी की बैठक होगी।
बैठक की सदारत शहर काजी मौलाना तौसिफ अहमद सिद्दकी करेंगे। हिलाल कमेटी रजब महीने का चांद दिखाई देने या नहीं दिखाई देने का एलान करेगी। चांद होने की सूरत में उर्स की रस्में शनिवार रात से शुरू हो जाएगी। अन्यथा रविवार रात से रस्में शुरू होगी। चांद दिखाई देने पर शनिवार रात को ही दरगाह दीवान सैय्यद जैनुअल आबेदीन की सदारत में उर्स की पहली महफिल महफिलखाना में होगी। इस मौके पर दरगाह के कव्वालों के अलावा देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले कव्वाल भी सूफियाना कलाम पेश करेंगे। महफिल के दौरान ही मध्यरात्रि बाद मजार शरीफ पर दीवान आबेदीन मजार शरीफ के पहले गुसल के लिए जाएंगे।
आज आएगी पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी की चादर
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तरफ से शनिवार को सुबह 11 बजे ख्वाजा साहब की दरगाह में चादर पेश की जाएगी। भाजपा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरविंद यादव ने बताया कि वाजपेयी की ओर से उनके निजी सचिव पंडित शिवप्रकाश शर्मा ख्वाजा साहब की मजार पर चादर एवं अकीदत फूल पेश करेंगे। भाजपा जिलाध्यक्ष रासासिंह रावत ने बताया कि इस चादर पेश करते समय भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहेंगे।
प्रशासन की ओर से चादर आज
ख्वाजा साहब के 801 वें उर्स के मौके पर जिला प्रशासन की ओर से शनिवार सुबह 11 बजे ख्वाजा साहब की मदार पर चादर पेश की जाएगी। सभी अधिकारी बुलंद दरवाजे से एक साथ आस्ताने शरीफ पहुंचेंगे।
जायरीन के आने का सिलसिला शुरू : कायड़ विश्राम स्थली पर जायरीन का आना शुरू हो गया है। शुक्रवार को करीब 500 जायरीन पहुंच चुके है। चांद दिखने के साथ ही जायरीन के आने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। शाहनी ने विश्राम स्थली का जायजा लेने के दौरान जायरीन से भी बात की। झारखंड से आए दल ने व्यवस्थाओं की प्रशंसा की है। शाहनी के साथ कार्यवाहक न्यास सचिव निशु अग्निहोत्री, भूमि अवाप्ति अधिकारी भगवत सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
किराया राशि को लेकर रोष
विश्राम स्थलियों पर अभी तक न्यास ही दुकानों की नीलामी करता आया है, लेकिन कायड़ विश्राम स्थली पर बाहर से आए लोगों ने न्यास अध्यक्ष नरेन शाहनी भगत को अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि पिछली बार दुकानों का किराए एक हजार रुपए से लेकर पंद्रह सौ रुपए तक था, लेकिन इस बार चार से पांच हजार रुपए दरगाह कमेटी द्वारा वसूला जा रहा है। दरगाह कमेटी बार-बार किराए की राशि को लेकर बयान बदल रही है। शाहनी ने कलक्टर वैभव गालरिया से बात की। गालरिया ने दरगाह नाजिम से बात कर उचित रास्ता निकालने का आश्वासन दिया।
सवा लाख जायरीन ठहराने की व्यवस्था
अजमेर। अजमेर नगर सुधार न्यास ने कायड़ और ट्रांसपोर्ट नगर विश्राम स्थली पर सवा लाख जायरीन के ठहरने की व्यवस्था की है। गर्मी को देखते हुए कायड़ विश्राम स्थली को बीसलपुर पाइप लाइन से जोड़ा गया है। न्यास अध्यक्ष नरेन शाहनी भगत ने शुक्रवार को अधिकारियों के साथ कायड़ विश्राम स्थली में की गई तैयारियों का जायजा लिया।
इधर उर्स को देखते हुए जायरीन के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। वहीं दुकानों के किराए को लेकर व्यापारियों में रोष है।न्यास अध्यक्ष नरेन शाहनी भगत ने बताया कि दोनों विश्राम स्थलियों पर तैयारियों के लिए 1 करोड़ 87 लाख रुपए खर्च किए गए हैं।
कायड़ विश्राम स्थली पर डेढ़ हजार बसें ठहर सकती है। बसों को खड़ा करने के लिए जमीन पर मार्किग की गई है। एक बस में पचास जायरीन आते हंै, तो 75 हजार जायरीन कायड़ विश्राम स्थली पर ठहर सकते हैं। आपात व्यवस्था के लिए विश्राम स्थली के पास ही करीब 82 बीघा भूमि रख रखी है, जिस पर दो हजार बसों को खड़ा किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कायड़ विश्राम स्थली पर लाइटें लगाई है।
बिजली बंद होने पर जनरेटर की व्यवस्था की गई है। जायरीन की सुविधा के लिए कायड़ विश्राम स्थली पर 24 घंटे सफाई की जाएगी। इसके लिए इस विश्राम स्थली पर 12 अस्थायी सफाई कर्मचारी रखे गए हैं। गर्मी को देखते हुए पीने के पानी की माकूल व्यवस्था की है। शाहनी ने बताया कि इसी प्रकार ट्रांसपोर्ट नगर विश्राम स्थली पर एक हजार बसें ठहर सकती है। वहां पचास हजार जायरीन ठहर सकते हंै। जायरीन को ठहराने के लिए टेंट लगाए गए हैं। पानी के लिए टंकियां लगाई गई हैं। पर्याप्त मात्रा में अस्थायी शौचालयों का निर्माण कराया गया है। शाहनी ने बताया कि जायरीन को किसी प्रकार परेशानी नहीं हो, इसके लिए माकूल व्यवस्था की गई है। विश्राम स्थलियों पर चिकित्सा विभाग, नगर निगम, आयुर्वेद विभाग, रसद विभाग अगल-अलग व्यवस्था करेगा।
लापरवाही कहीं पड़ न जाए भारी...
अजमेरत्न पुष्कर रोड स्थित विश्राम स्थली पर पानी भरे होने की वजह से इस बार जिला और नगर सुधार न्यास प्रशासन ने यहां जायरीन को न ठहराने का फैसला किया। इस लिहाज से यूआइटी ने कोई व्यवस्था भी यहां नहीं की, इसके बावजूद कोई एक हजार जायरीन यहां आकर ठहर गए हैं। प्रशासन इससे अनजान है। समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई तो यहां जायरीन की संख्या में और इजाफा हो सकता है और पानी भरे होने की वजह से कोई हादसा भी हो सकता है।
हो सकता है कोई हादसा
जिला और न्यास प्रशासन इससे पहले तक उर्स में आने वाले जायरीन को पुष्कर रोड, कायड़ और ट्रांसपोर्ट नगर विश्राम स्थली में ठहराता था। दरगाह से पास पड़ने की वजह से सबसे ज्यादा जायरीन भी पुष्कर रोड विश्राम स्थली पर ठहरना पंसद करते थे। यहां एक बार में करीब 50 से साठ हजार जायरीन रुकते थे, लेकिन इस बार यहां पानी भरा हुआ है। ऐसे में प्रशासन ने जायरीन को इस बार यहां न ठहराने का फैसला किया।
फैसला तो कर लिया गया, लेकिन अमल पर ध्यान नहीं रखा। इसके चलते इस विश्राम स्थली पर अभी तक एक हजार से अधिक जायरीन ने अपना डेरा जमा लिया। सूत्रों का कहना है कि प्रशासन ने समय रहते ध्यान नहीं दिया तो यह संख्या बहुत अधिक हो सकती है। प्रशासन की लापरवाही से कभी भी कोई हादसा भी घटित हो सकता है। विश्राम स्थली पर पानी भरा हुआ है। पास में ही आनासागर झील है।
ऐसे में रात्रि के समय जायरीन, खास कर बच्चों का ध्यान नहीं रहा तो दुर्घटना घटित हो सकती है। पानी गंदा है और बीमारियों का कारण भी हो सकता है। इस संबंध में कलक्टर वैभव गालरिया का कहना है कि उन्हें पुष्कर रोड विश्राम स्थली पर जायरीन ठहरने की जानकारी नहीं है।