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दो साल में करोड़पति बन गया किराए के घर में रहने वाला सरकारी कर्मचारी

8 वर्ष पहले
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अजमेर। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व मुख्य लेखाधिकारी और वित्त सलाहकार नरेंद्र कुमार तंवर के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो ने सोमवार को विशेष अदालत में चार्जशीट दायर कर दी है। एसीबी की चार्जशीट के अनुसार अब तक हुई जांच के अनुसार तंवर के पास सात करोड़ से ज्यादा की संपत्ति मिली है। यह उसकी आय से 6.80 करोड़ रुपए ज्यादा है। तंवर गिरफ्तारी के बाद से ही न्यायिक अभिरक्षा में है।
एसीबी ने एडिशनल एसपी भंवर सिंह नाथावत ने भ्रष्टाचार मामलों की विशेष अदालत के समक्ष सोमवार को चार्जशीट पेश की जो करीब दो हजार पेज की है। तंवर पर भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(1)(ई) और 13 (2) के तहत आरोप दर्ज किए गए हैं। विशेष न्यायाधीश उमेश कुमार शर्मा ने प्रकरण में नरेंद्र तंवर के खिलाफ प्रसंज्ञान पर सुनवाई के लिए 22 मई की पेशी तय की है। अदालत में तंवर की ओर से उसके वकील अजय वर्मा और रमेश वर्मा मौजूद थे।
एसीबी ने तंवर की अब तक की आय का जो आंकलन किया है उसके अनुसार उसने करीब 80 लाख रुपए की वैध आय अर्जित की और उसने इस आय से वैध खर्च किया जो करीब 60 लाख रुपए होता है।
इस तरह उसके पास कोई 20 लाख रुपए की अर्जित संपत्ति होनी चाहिए थी जबकि एसीबी ने अब तक करीब सात करोड़ से ज्यादा की संपत्तियां उसके पास होना दर्ज की हैं। गौरतलब है कि एसीबी ने 15 मार्च को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में फाइनेंसर एडवाइजर के पद पर कार्यरत नरेंद्र कुमार तंवर को गिरफ्तार कर उसके आवास और आफिस पर छापा मारा गया। उसके बैंक खाते और लॉकर भी खंगाले गए। एसीबी को जानकारी मिली थी कि तंवर के पास कई करोड़ रुपए की संपत्तियां हैं जो उसकी आय से अधिक है। प्रारंभिक तौर पर एसीबी को तंवर के पास सात करोड़ रुपए की संपत्ति होने की जानकारी मिली थी जो उसने अवैध रूप से अर्जित की थी।
एसीबी को छापे में नरेंद्र तंवर और उसकी पत्नी मंजू तंवर पुत्र प्रियांशु तंवर के नाम बैंक खाते व लॉकर में मोटी रकम बरामद हुई। इसके अलावा उसके पास पंचशील में तकरीबन 80 लाख का मकान, जयपुर में सी स्कीम में एक संपत्ति, एवरेस्ट कॉलोनी जयपुर में मकान, जयपुर में इंद्रा गांधी नगर योजना में हाउसिंग बोर्ड का मकान पाया गया। उसके बैंक खातों में 1 करोड़ 85 लाख 98 हजार 572 रुपए मिले थे। घर से 2 लाख 14 हजार 590 की नगर राशि भी मिली थी। इसके अलावा 31 लाख 66 हजार 250 रुपए के शेयर व पॉलिसी आदि थे।
तंवर ने अपनी काली कमाई को ठिकाने लगाने के लिए कई लोगों को उधार भी दिए थे। तंवर के जयपुर स्थित एसबीबीजे बैंक अकाउंट से 67 लाख 36 हजार 322 रुपए दिए गए थे। वहीं वैशाली नगर स्थित ओबीसी बैंक अकाउंट से 1 करोड़ 21 लाख 55 हजार रुपए अग्रिम भुगतान व उधार दिए गए थे। इसके अलावा पॉवर हाउस के सामने स्थित आईडीबीआई बैंक, पीएनबी की नगरा शाखा से भी करीब 13 लाख रुपए दिए गए थे।
नरेंद्र तंवर की पत्नी मंजू तंवर भी वैसे तो गृहिणी बताई जाती है लेकिन उसके बैंक खातों में भी मोटी रकम जमा होती थी। मंजू तंवर के बैंक खातों से भी भुगतान हुए हैं। इसके अलावा करीब नौ लाख के जेवरात, 6 लाख 38 हजार की बीमा पालिसी पर खर्च हुए हैं। तंवर व उसके परिवार ने ऐश-आराम की वस्तुएं खरीदने पर भी लाखों रुपए खर्च किए। एसीबी ने तंवर से संपत्ति के बारे में पूछताछ की लेकिन वह कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दे पाया। जेल में भी तंवर से पूछताछ की गई लेकिन उसने कोई हिसाब किताब नहीं दिया। एसीबी ने सीआरपीसी की धारा 173(8) के तहत जांच बकाया रखी है। एसीबी सूत्रों के अनुसार तंवर के अलावा अन्य लोगों के खिलाफ भी जांच जारी है और गिरफ्तारियां हो सकती है। बोर्ड का मुख्य लेखाधिकारी और वित्तीय सलाहकार नरेंद्र कुमार तंवर गिरफ्तारी के बाद से ही न्यायिक अभिरक्षा में है।
गबन का मामला अलग दर्ज
एंटी करप्शन ब्यूरो ने नरेंद्र तंवर के खिलाफ गबन व भ्रष्टाचार का मुकदमा अलग से दर्ज किया है। इस मुकदमे में तंवर पर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की करोड़ों रुपए की एफडीआर को गलत तरीके से अपने कब्जे में रखने का आरोप है। इसके साथ ही तंवर ने एफडीआर भुनाकर उसकी रकम अपने खाते में ट्रांसफर करवा ली थी। इस तरह राजकीय राशि का गबन और भ्रष्टाचार का मामला दर्ज हुआ है।
॥तंवर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में चार्जशीट पेश कर दी है। अन्य कई बिंदुओं पर भी जांच जारी है। कुछ और लोगों के खिलाफ भी जांच की जा रही है। अन्य मुकदमा भी दर्ज हो सकता है।
भंवर सिंह नाथावत, एडिशनल एसपी, एसीबी, अजमेर