अजमेर। आदर्शनगर रेलवे क्रॉसिंग के निकट श्मशान स्थल में सोमवार को दिनदहाड़े दो युवकों ने एक टेंपो चालक युवक का सिर पत्थर से कुचल हत्या कर दी। आरोपी बाइक पर सवार थे, घटना के बाद दोनों बाइक लेकर भाग गए। आरोपी मृतक के पड़ोसी हैं, इनके बीच करीब दो महीने से रंजिश चल रही है। इसके चलते मृतक युवक जेल भी भुगत चुका था।
पुलिस के अनुसार करीब साढ़े नौ बजे विज्ञान नगर इलाके के लोगों ने फोन पर सूचना दी कि श्मशान परिसर में युवक की लहूलुहान लाश पड़ी है। सूचना पर आदर्शनगर पुलिस मौके पर पहुंची। श्मशान के भीतर मुख्य गेट के पास युवक की लहूलुहान लाश पड़ी थी।
युवक के सिर पर भारी पत्थर पड़ा हुआ था। बड़ी मात्रा में खून फर्श पर फैला हुआ था। लाश के पास नीले रंग की हवाई चप्पलें अस्त-व्यस्त हालत में और एक टूटा हुआ चाकू भी पड़ा था। श्मशान स्थल के बाहर मृतक का लोडिंग टेंपो खड़ा था। डीएसपी राकेश काचवान ने मौके पर पहुंच कर मुआयना किया। एफएसएल टीम से घटनास्थल की जांच कराई गई। लोगों ने मृतक की पहचान बालूपुरा निवासी चालीस वर्षीय सत्यनारायण गुर्जर पुत्र हरदेव गुर्जर के तौर पर की। हरदेव ने बेटे की लाश की शिनाख्त कर ली।
घात लगाकर हमला
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मृतक सत्यनारायण लोडिंग टेंपो में टेंट का सामान लाने-ले जाने का काम कर रहा था। सोमवार सुबह करीब सवा नौ बजे सत्यनारायण विज्ञान नगर से टेंट का सामान छोड़ कर लौट रहा था, मोड़ पर श्मशान स्थल के गेट के पास पहले से ही घात लगाकर बाइक पर सवार दो युवक खड़े थे। जैसे ही सत्यनारायण का टेंपो मोड़ पर घूमा, दोनों युवक टेंपो के सामने आ गए और उसे रुकवा सत्यनारायण को बाहर खींच लिया। एक युवक ने चाकू से सत्यनारायण पर वार किया, सत्यनारायण के हाथ पर जख्म हो गया।
वह बचने के लिए श्मशान स्थल में भागा, जहां पहले से ही निर्माण कार्य के लिए पत्थरों का ढेर लगा हुआ था। आरोपियों ने सत्यनारायण को मारपीट कर नीचे पटक दिया। एक युवक ने ढेर में से पत्थर उठाकर सत्य नारायण के सिर पर दे मारा। हमलावर बाइक पर भाग गए। उधर श्मशान स्थल का चौकीदार रमेश ने शोर मचाकर लोगों को बुलाया। लोगों ने देखा लहूलुहान सत्यनारायण फर्श पर पड़ा तड़प रहा है। लोगों ने एंबुलेंस 108 को फोन किया, लेकिन तब तक सत्यनारायण के प्राण-पखेरू उड़ चुके थे।
पड़ोसी परिवार के युवकों ने की वारदात
जांच में सामने आया कि सत्यनारायण की हत्या बालूपुरा में उसके पड़ोसी रघुनाथ के पुत्र दिनेश और मनीष ने की है। सत्यनारायण और रघुनाथ के परिजनों के बीच मकान निर्माण के दौरान बल्ली को लेकर दो महीने पहले झगड़ा हुआ था। दोनों के बीच मारपीट हुई थी। सत्यनारायण की रिपोर्ट पर दिनेश, मनीष और उसकी मां के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इस से डिप्रेशन में आकर दिनेश, मनीष के भाई 22 वर्षीय हनुमान ने फांसी लगा ली थी। दिनेश, मनीष और उसके परिजनों ने सत्यनारायण पर हनुमान की हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस ने धारा 306 के तहत सत्यनारायण को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। करीब बीस दिन पहले सत्यनारायण रिहा हुआ था। जेल से बाहर आने के बाद भी दिनेश, मनीष उसे जान से मारने की धमकियां दे रहे थे। इसके चलते सत्यनारायण पत्नी और दो पुत्रों को लेकर ससुराल में रहने लगा था। मकान में उसने ताला लगा दिया था। इस बीच दिनेश और मनीष उसे धमकियां दे रहे थे।
लोडिंग टेंपो चालक सत्यनारायण 5 दिन पहले ही मजदूरी कर रहा था। हरदेव के अनुसार घात लगाकर रघुनाथ के पुत्र दिनेश और मनीष ने सत्यनारायण का कत्ल कर दिया।