अजमेर। इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारियों को ठगने वाले शातिरों का गिरोह सक्रिय है। गिरोह के लोग ग्राहक के रूप में कारोबारियों से संपर्क करते हैं और उन्हें फर्जी बैंक डीडी थमा कर लाखों रुपए का माल बटोर कर चंपत हो जाते हैं।
शातिरों ने अजमेर में दो और जयपुर में एक व्यापारी को शिकार बनाया है। ठगी के शिकार व्यापारी की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है।
दो दिन में तीन वारदात
शातिर ठगों ने 4 और 5 मई दो दिन में अजमेर में दो और जयपुर में एक कारोबारी से सात लाख का माल बटोरा और तीनों ही मामलों में आरोपी कारोबारियों को फर्जी डीडी थमा कर चंपत हो गए। वारदातों में ठगों ने खुद को बालोतरा की गांधी ट्रेडिंग कंपनी का संचालक बताया था और सिंडीकेट बैंक बालोतरा का डिमांड ड्राफ्ट देकर माल उठाया था।
ठगी की वारदात के शिकार आगरा गेट सब्जी मंडी के निकट नवीन इलेक्ट्रिकल्स के संचालक सुगनचंद जैन और उनके पुत्र अशोक जैन ने सदर कोतवाली थाने में शिकायत देकर मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि करीब एक महीने पहले कैलाश नामक व्यक्ति दुकान पर ग्राहक के तौर पर आया था। उसने खुद को बालोतरा में गांधी ट्रेडिंग कंपनी का संचालक बताया और कॉपर वायर खरीदने के लिए बातचीत की।
कैलाश ने 1 लाख 53 हजार रुपए के कॉपर वायर का कोटेशन भी लिया था। इसके बाद फोन पर लगातार संपर्क करता था। 5 मई को उसने मनोज नामक व्यक्ति को दुकान पर भेजा। मनोज ने करीब 231 किलो कॉपर वायर पैक कराया और सिंडिकेट बैंक बालोतरा की ओर से जारी 1 लाख 60 हजार रुपए का डिमांड ड्राफ्ट दे दिया। गुरुवार को बैंक से जानकारी मिली कि डिमांड ड्राफ्ट फर्जी है।
बालोतरा में सिंडिकेट बैंक की कोई शाखा नहीं है। बालोतरा में कथित गांधी ट्रेडिंग कंपनी के बारे जानकारी लेने पर पता चला कि इस नाम की कोई फर्म नहीं है। इसी तरह ठग गिरोह ने खाइलैंड मार्केट स्थित स्टूडियो से 5 मई को ही करीब 1 लाख 25 हजार रुपए कीमत के लेपटॉप, कम्प्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम की खरीददारी इसी तरीके से की। वहां भी दुकानदार को फर्जी डीडी थमा कर माल ले गए।
जयपुर में चमेली मार्केट स्थित फर्म अरुण इलेक्ट्रिकल्स से भी ठग गिरोह के शातिर करीब दो लाख रुपए कीमत का माल ले गए। तीनों की वारदातों में फर्जी डीडी का इस्तेमाल किया गया। कोतवाली थाना पुलिस नवीन इलेक्ट्रिकल्स के संचालक की शिकायत पर जांच कर रही है।