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शहादत के 83 साल बाद क्या सोचा जा रहा भगत के बारे में, मंचन कर बताया

7 वर्ष पहले
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अजमेर. मुद्रा संस्थान की ओर से शहीद भगतसिंह जी के जन्मदिवस के अवसर पर सोमवार शाम को नाटक "वो क्या सपना था भगत' का मंचन माकड़वाली चौराहा स्थित शक्ति रिसोर्ट में किया गया। यह नाटक भगत सिंह की विचारधारा से ओतप्रोत एवं समसामयिक कविताओं की नाट्य प्रस्तुति है। नाट्य प्रस्तुति में बताया गया है कि भगत सिंह की शहादत के 83 साल बाद भी भारत में उनकी शहादत के बारे में क्या सोचा जा रहा है।

नाट्य निर्देशक राजेन्द्र सिंह के अनुसार नाट्य प्रस्तुति में कहानी कविताओं के संयोजन से ही बुनी गई है। सभी कविताएं . अवतार सिंह पाश, दुष्यंत कुमार, अशोक कुमार पांडे, अश्विनी कुमार पंकज और फेस बुक के पेज आर्टिस्ट अगेंस्ट ऑल ऑड्स से ली गई है।
कार्यक्रम में अतिथि दीप्ति शर्मा, सोमरत्न आर्य, रुमा आज़म सहित कई नागरिक उपस्थित थे। इस अवसर पर शक्ति रिसोर्ट के निदेशक शक्ति सिंह ने आभार व्यक्त किया। नाटक में मंच पर रवि गुर्जर, मनोज सोनी, दीपक सोनी, दिशा जांगिड़, संतोष साहू, हितेश लीला रामानी, दीपक सिंह राठौड़, मोहित, राजीव ने अभिनय किया। प्रकाश व्यवस्था भामिनी निर्वाण और पार्श्व संगीत आशू भारती ने दिया।