अजमेर। सदस्यों के नामों की घोषणा मुकदमों की सुनवाई से पहले ऐन वक्त पर किए जाने संबंधी रेवेन्यू बोर्ड चेयरमैन के फैसले को लेकर हुआ विवाद समाप्त हो गया है। वकीलों की हड़ताल और भारी विरोध के बाद चंद घंटों में ही रेवेन्यू बोर्ड चेयरमैन नीलिमा जौहरी ने गुरुवार को पुरानी व्यवस्था बहाल कर दी।
जौहरी ने शुक्रवार को सुनवाई के लिए लगने वाले मुकदमों के लिए सदस्यों के नामों की घोषणा शाम छह बजे करते हुए तत्काल ही दैनिक वाद सूची नोटिस बोर्ड पर लगवा दी। इससे पहले वकीलों ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार करते हुए कामकाज ठप रखा, शुक्रवार को वकील काम पर लौटेंगे।
पुरानी व्यवस्था बहाली के लिए एकजुट थे वकील
बुधवार को साधारण सभा में किए गए निर्णय के तहत रेवेन्यू बोर्ड के वकीलों ने गुुरुवार को न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। रेवेन्यू बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सोहनपाल सिंह चौधरी ने बोर्ड चेयरमैन नीलिमा जौहरी को पत्र सौंपकर स्पष्ट कर दिया कि पुरानी व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो वकील आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।
जौहरी ने वकीलों के उग्र रवैये और आंदोलनात्मक रुख को भांपते हुए बोर्ड के सदस्यों के साथ विचार-विमर्श किया। शाम करीब सवा छह बजे जौहरी ने शुक्रवार को सुनवाई के लिए तय मुकदमों की सुनवाई के लिए सदस्यों के नामों की घोषणा कर दी। दैनिक वाद सूची के साथ पुरानी व्यवस्था के तहत ही सदस्यों के नाम नोटिस बोर्ड में लगाई गई दैनिक वाद सूची में छाप दिए गए। इसके बाद बार अध्यक्ष चौधरी ने शुक्रवार को अदालती कामकाज सुचारू करने का एेलान किया।
चौधरी ने कहा कि व्यवस्थाओं में सुधार का वकील हमेशा स्वागत करते रहे हैं, लेकिन बोर्ड प्रशासन को बिना विचार-विमर्श के इस तरह अव्यावहारिक फैसले नहीं करने चाहिए। व्यवस्थाएं बहाल करने पर चौधरी ने सभी का आभार जताया है।
ये था विवाद का मुद्दा
रेवेन्यू बोर्ड में यह व्यवस्था चली आ रही थी कि मुकदमों की सुनवाई के एक दिन पहले शाम को यह तय हो जाता था कि अमुक सदस्य द्वारा अमुक बैंच में मुकदमों की सुनवाई की जाएगी। सुनवाई के एक दिन पहले शाम को दैनिक वाद सूची नोटिस बोर्ड पर लगा दी जाती थी और उसमें दूसरे दिन सुनवाई करने वाले सदस्यों के नाम भी लिखे होते थे। बोर्ड चेयरमैन नीलिमा जौहरी ने कुछ दिन पहले इस व्यवस्था में बदलाव कर दिया।
जौहरी ने नई व्यवस्था कर दी कि जिस दिन मुकदमे की सुनवाई है, उसी दिन सुबह 10 से साढ़े 10 बजे के बीच सदस्यों के नामों की घोषणा की जाएगी। हड़ताल के चलते वकीलों ने पहले इस नई व्यवस्था की आेर ध्यान नहीं दिया। दो दिन पहले हड़ताल खत्म होने पर नई व्यवस्था से वकील रूबरू हुए तो विरोध शुरू हो गया।
बुधवार को रेवेन्यू बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सोहनपाल सिंह चौधरी की अगुवाई में वकीलों ने जौहरी से मुलाकात कर पूर्व व्यवस्था बहाल करने की मांग की थी। उनका कहना था कि नई व्यवस्था से वकीलों व पक्षकारों को भारी परेशानी होगी और कामकाज भी प्रभावित होगा, लेकिन जौहरी ने तत्काल कार्रवाई से इनकार कर दिया तो वकीलों ने हड़ताल कर दी।