अजमेर। एमडीएस यूनिवर्सिटी के पूर्व कार्यवाहक कुलपति के खिलाफ आरटीआई कार्यकर्ता रविंद्र सिंह राठौड़ ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप है कि संभागीय आयुक्त रामखिलाड़ी मीणा ने एमडीएस यूनिवर्सिटी के कार्यवाहक कुलपति के पद पर रहते हुए सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई सूचना देने में विलंब किया।
आरोप लगाया गया है कि राजस्थान सूचना आयोग द्वारा लगाया गए जुर्माने की राशि राजकोष से जमा करवाई। जबकि यह राशि विलंब के लिए जिम्मेदार अधिकारी के वेतन से जमा कराई जानी थी। एसीबी शिकायत पर जांच कर रही है।
आरटीआई कार्यकर्ता राठौड़ ने राठौड़ ने शिकायत पत्र में बताया है कि डाॅ. रीटा मेहरा की ओर से आरटीआई के तहत विवि से मांगी गई सूचना विलंब से देने पर सूचना आयोग ने अप्रैल 2011 में बीस हजार रुपए की शास्ती आरोपित की थी। यह राशि 30 दिन में सूचना आयोग के समक्ष जमा करानी थी। यह राशि विवि प्रशासन ने अप्रैल 2014 में राजकोष से जमा कराई।
यह हैं नियम
राजस्थान सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग सूचना का अधिकार जयपुर के प्रमुख शासन सचिव के 16 दिसंबर 2010 के अनुसार सूचना आयोग द्वारा जो आर्थिक शास्ती अधिरोपित की जाती है वह लोक सूचना अधिकारी के वेतन से कटौती की जाकर जमा करानी होती है।
मुख्यालय भेजी शिकायत
एसीबी अजमेर के एएसपी निर्मल शर्मा ने बताया कि एमडीएस यूनिवर्सिटी के तत्कालीन कुलपति के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत एसीबी मुख्यालय भेज दी गई है। मुख्यालय के आदेश पर एफआईआर दर्ज होगी।