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डाउनलोड करेंअजमेर। नसीरुद्दीन शाह के बड़े भाई और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कुलपति जमीरुद्दीन शाह जब यहां आए तो भावुक होकर रो पड़े थे। ख्वाजा साहब की दरगाह में नाजिम पद से पहले एडमिनिस्ट्रेटर का पद होता था। इस पद पर पूर्व में मशहूर फिल्म अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के वालिद आले अहमद शाह भी रहे हैं।
लंबे अरसे के बाद 1997 में नसीरुद्दीन शाह के बड़े भाई और वर्तमान में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति जमीरुद्दीन शाह यहां आए। वे दरगाह अपार्टमेंट में पुरानी यादों में खो कर रो पड़े।
केडी खान के मुताबिक जमीरुद्दीन शाह सऊदी अरब से यहां दरगाह जियारत को आए थे। जियारत के बाद उन्होंने ख्वाहिश जाहिर की कि उन्हें उनका पुराना घर दिखाया जाए। शाह के बच्चों ने भी दिलचस्पी दिखाई। खान ने बताया कि वे उन्हें लेकर सीधे दरगाह अपार्टमेंट गए।
शाह वहां पहुंच कर भावुक हो गए और अपने बचपन के लम्हों को याद करने लगे। उनके साथ आए बच्चों को वे एक-एक कमरा दिखा रहे थे कि यह नसीरुद्दीन का कमरा था, यहां वे खुद पढ़ते थे।
देव आनंद ने स्कूली बच्चों संग खिंचवाए थे फोटो : केडी खान के मुताबिक जब वे नाजिम थे, तभी '16 बरस' की शूटिंग के सिलसिले में देव आनंद अजमेर आए थे। मजरूह सुल्तानपुरी की वजह से देवआनंद से कुछ जान पहचान थी। वे मिलने के लिए दरगाह अपार्टमेंट आए और उनकी इस यात्रा को गुप्त रखा गया।
देव आनंद ने दरगाह कमेटी द्वारा संचालित ख्वाजा मॉडल स्कूल के बच्चों के साथ कुछ लम्हे गुजारे, उनके साथ फोटो खिंचवाए और उनके सिर पर हाथ फेरा।
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