अजमेर। विख्यात सूफी संत हज़रत बाबा हरप्रसाद शाह "उवैसी' का छठवां सालाना उर्स बड़ी अज़्मत व शानो-शौकत के साथ मनाया गया। उर्स में अकीदतमंदों के आने का सिलसिला सुबह से लेकर देर रात तक जारी रहा। इसमें भारी संख्या में आए अकीदतमंदों ने इबादत के फूल पेश किए।
उवैसिया रूहानी सत्संग आश्रम के अध्यक्ष गुरुदत्त मिश्रा ने बताया कि सुबह हुजूर की मजार पर फूल पेश किए गए तथा उसके बाद ध्यान व सुमिरन हुआ। दोपहर में अध्यात्मिक चर्चा में वर्तमान गुरु मुनेन्द्रदत्त मिश्रा "उवैसी' ने कहा कि हमारे बुजुर्गों ने सदैव भाईचारे व आपसी प्रेम भाव का संदेश दिया है। इसका मन, कर्म और वचन से पालन करना ही उन्हें हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
शाम को अकीदतमंदों ने अपनी मुरादें एवं मन्नतें पूरी होने पर चादरें पेश कर अपना शुक्राना अदा किया। अकीदतमंदों ने गाजे बाजे के साथ चादरें लेकर मज़ारे-शरीफ पर हाजि़र हुए। इस अवसर पर कव्वालों द्वारा चादर की शान में पेश किए गए। इस अवसर पर लंगर का आयोजन हुआ।
रात 9:30 बजे गुरु मुनेन्द्रदत्त मिश्रा "उवैसी' की सदारत में महफिल आयोजित की गई जिसमें शाही कव्वाल जयपुर के अनवर हुसैन एण्ड पार्टी, कव्वाल सईद - फरीद और उनके साथी, कोटा से आए हबीबुर्रहमान एण्ड पार्टी, अजमेर के प्रसिद्ध कव्वाल अग्गन तथा कुर्बान व उनके साथियों ने सूफीयाना कलामों को कव्वाली में पेश किए। अध्यक्ष गुरुदत्त मिश्रा ने बताया कि कुल की रस्म एवं प्रसाद वितरण के साथ गुरूवार को सुबह उर्स सम्पन्न होगा।