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रेवेन्यू बोर्ड मेंबर के नाम से फर्जी मैसेज भेज रुकवाई कुर्की

7 वर्ष पहले
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अजमेर। राजस्व मामलों की शीर्ष अदालत रेवेन्यू बोर्ड में लंबित एक मामले से जुड़ी जमीन की कुर्की रुकवाने के लिए वकील ने ऐसा खेल खेला कि तहसीलदार भी उसके झांसे में आ गया।
रेवेन्यू बोर्ड के इस वकील ने बीकानेर की नोखा तहसील के तहसीलदार त्रिलोकचंद को बोर्ड के मेंबर मोहम्मद हनीफ के नाम से मोबाइल पर मैसेज भेजा। मैसेज में तहसीलदार को आगामी सुनवाई तक कुर्की रोकने के निर्देश दिए। तहसीलदार ने भी मैसेज मिलते ही इसका हवाला देते हुए तत्काल कुर्की कार्रवाई रोक दी। तहसीलदार को रिसीवर नियुक्त कर विवादित जमीन का कब्जा लेने के आदेश बीकानेर के राजस्व अपील प्राधिकारी ने दिए हुए थे।

पीड़ित पक्ष नोखा निवासी शिवनारायण ने मंगलवार को रेवेन्यू बोर्ड चेयरमैन नीलिमा जौहरी के समक्ष लिखित शिकायत करते हुए तहसीलदार नोखा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इधर, तहसीलदार त्रिलोकचंद का कहना है कि उसने तो मोबाइल पर मिले मैसेज का पूरा उल्लेख करते हुए कार्रवाई राेकी थी।

मोबाइल पर ही बाद में तस्दीक करने पर पता चला कि यह मैसेज वकील भीयांराम चौधरी ने भिजवाया था।

फाइल ही सुनवाई में नहीं आई

इस प्रकरण में 8 दिसंबर को सुनवाई होनी थी। प्रकरण सदस्य अशोक सांवरिया की बेंच में लगा। उनके समक्ष शिवनारायण की ओर से पक्ष प्रस्तुत करते हुए सारा घटनाक्रम बताया गया। बोर्ड मेंबर के नाम से मैसेज कर कुर्की रुकवाने की जानकारी होने पर बेंच ने मामले में सुनवाई टालते हुए दूसरे दिन की पेशी दे दी। मंगलवार को यह फाइल बेंच में आनी थी, लेकिन कॉज लिस्ट में गोल निशान लगकर आ गया। गोल निशान का मतलब है कि फाइल ट्रेस नहीं हो पा रही है। जिस प्रकरण में जालसाजी के गंभीर आरोप लगे हैं, उसकी फाइल अचानक गायब हो जाना भी वकीलों में चर्चा का विषय रहा।

वकील चौधरी का है नंबर

तहसीलदार त्रिलोकचंद को जिस मोबाइल नंबर 9828355176 से मैसेज किया गया था, यह नंबर वकील भीयांराम चौधरी का है। रेवेन्यू बार की डायरेक्ट्री में भी नंबर चौधरी के नाम अंकित है। चौधरी से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन मोबाइल लगातार स्विच ऑफ आ रहा है।
भाइयों के बीच है जमीन का विवाद
बीकानेर की नोखा तहसील के गांव नोखा के रहने वाले शिवनारायण सोनी और उसके भाई गोपाल सोनी के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। नोखा के उपखंड अधिकारी ने 5 जून को गोपाल सोनी के पक्ष में एकतरफा निर्णय और डिक्री जारी कर दी। इस निर्णय को शिवनारायण ने बीकानेर के राजस्व अपील प्राधिकारी की अदालत में अपील कर चुनौती दे दी। राजस्व अपील प्राधिकारी रामदेव गोयल ने 28 नवंबर को शिवनारायण की अपील मंजूर करते हुए माना कि विवादित जमीन में दोनों भाइयों का हिस्सा है, इसलिए विधिवत बंटवारे तक दोनों के बीच विवाद व मुकदमेबाजी नहीं बढ़े, इसलिए नोखा तहसीलदार को खसरा नंबर 456 और 457 की विवादित 6.16 हेक्टेयर जमीन पर रिसीवर नियुक्त कर दिया।
इसके साथ ही तहसीलदार को यह भी आदेश दिया कि वे विवादित भूमि को अपने कब्जे में ले लें। गोपाल सोनी ने वकील भीयांराम चौधरी के जरिये इस फैसले को रेवेन्यू बोर्ड में निगरानी याचिका पेश कर चुनौती दी। रेवेन्यू बोर्ड में शिवनारायण ने पहले ही कैवियट लगा रखी थी। लिहाजा दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद ही स्टे व अन्य कार्रवाई पर कोई सक्षम आदेश जारी हो सकता था। स्टे नहीं होने पर तहसीलदार जमीन का कब्जा ले लेता। स्टे नहीं मिलने तक तहसीलदार के कब्जे कार्रवाई को टालने के लिए ही सारा षडयंत्र रचा गया।
हो सकती है कड़ी कार्रवाई

जिस वकील ने अपने मोबाइल से मैसेज भेजकर कुर्की कार्रवाई रुकवाई है उसके खिलाफ रेवेन्यू बोर्ड अपने आदेश से बार कौंसिल ऑफ राजस्थान को कार्रवाई की अनुशंसा कर सकता है। इसके अलावा बोर्ड प्रशासन तहसीलदार के खिलाफ भी जांच खोल सकता है क्योंकि उसकी भूमिका भी प्रकरण में संदिग्ध रही है। धोखाधड़ी का मामला भी बनता है।
फर्जीवाड़ों के लिए चर्चित रहा है बोर्ड

फर्जी आदेश और फैसले बनाने से लेकर बैक डेट में फैसले करने को लेकर रेवेन्यू बोर्ड चर्चाओं में रहा है। लेकिन सदस्य के नाम से इस तरह कुर्की रुकवाने का यह पहला मामला है।
जांच के बाद चला पता

'मेरे फोन पर मोबाइल नंबर 9828355176 से 5 दिसंबर को शाम 4 बजकर 20 मिनट पर रेवेन्यू बोर्ड मेंबर मोहम्मद हनीफ के नाम से मैसेज आया कि निगरानी याचिका में 8 दिसंबर को होने वाली सुनवाई तक कुर्की की कार्रवाई रोकी जाए। इसका हवाला मैंने अपनी रिपोर्ट में भी दिया है। बाद में पता चला कि यह वकील भीयांराम चौधरी का नंबर है।'-त्रिलोकचंद सोनी, तहसीलदार, नोखा
बोर्ड चेयरमैन से की है शिकायत

'तहसीलदार त्रिलोकचंद गोपाल व उसके वकील से मिलीभगत कर 28 नवंबर से कब्जे की कार्रवाई को टालते रहे। बाद में मोहम्मद हनीफ मेंबर साहब के नाम से मोबाइल मैसेज का हवाला देते हुए कुर्की व कब्जे की कार्रवाई को जानबूझकर रोक दिया। इस बाबत रेवेन्यू बोर्ड चेयरमैन से शिकायत की है।' -शिवनारायण सोनी, पीड़ित
(नोखा तहसीलदार त्रिलोकचंद ने जो रिपोर्ट दी है उसमें मेंबर मेाहम्मद हनीफ का माेबाइल संदेश मिलने का हवाला दिया है)