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एलीवेटेड रोड की फिजिबिलिटी रिपोर्ट के लिए निविदा का काम पूरा

9 वर्ष पहले
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अजमेर.ट्रैफिक की भारी समस्या से जूझते अजमेर शहर के लिए एलीवेटेड रोड बनाने की संभावनाओं को टटोलने के लिए नगर सुधार न्यास द्वारा की जा रही कवायद के तहत निविदा का काम पूरा हो गया है। एक फर्म द्वारा कार्य की संभाव्यता (फिजिबिलिटी) जांच कर रिपोर्ट देने के लिए न्यूनतम दर प्राप्त हुई है। जिस पर सरकार की मंजूरी ली जा रही है।
23.90 लाख की रिपोर्ट
न्यास सचिव केसी वर्मा ने बताया कि राज्य सरकार से अनुमोदन मिलते ही फिजिबिलिटी की जांच शुरू कर दी जाएगी। गुड़गांव की ऑलटेक कंसलटेंट फर्म की न्यूनतम दर 23.90 लाख रुपए प्राप्त हुई है। इसका अप्रूवल राज्य सरकार से मिलने के बाद वर्क ऑर्डर जारी कर दिया जाएगा।
गौरतलब है कि अजमेर के मुख्य मार्ग कचहरी रोड व स्टेशन रोड पर एलीवेटेड रोड बनाने के लिए लंबे समय से विचार-विमर्श चल रहा है। पिछले साल अक्टूबर में नगर सुधार न्यास ने इस काम की फिजिबिलिटी जांचने के लिए फर्मो से निविदाएं मांगी थीं। न्यास में तकनीकी बिड 26 नवंबर को खोली गई, जबकि 3 दिसंबर को वित्तीय बिड हुई।
ऐसी हो सकती है एलीवेटेड रोड
एलीवेटेड रोड के लिए न्यास द्वारा राजस्थान लोक सेवा आयोग के पुराने भवन से मार्टिडल ब्रिज तक का मार्ग चिह्न्ति किया गया है। यह रोड आरपीएससी के पुराने भवन से शुरू होकर कचहरी रोड व वहां से गांधी भवन चौराहे से स्टेशन रोड होते हुए मार्टिडल ब्रिज तक बनाने की योजना है। इसके लिए जयपुर और जोधपुर में बनाए गए एलीवेटेड रोड को आदर्श माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक स्तर पर एलीवेटेड रोड की 75 प्रतिशत संभावना मानी गई है। लेकिन इसका सटीक आंकलन कंसलटेंट फर्म द्वारा मौका निरीक्षण व तकनीकी पक्षों का पूरा अध्ययन करने के बाद दी जानी वाली रिपोर्ट से ही होगा।
रेलवे स्टेशन पर मार्च तक लगेंगे एस्केलेटर
रेलवे स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ियां लगाने का काम मार्च में शुरू हो जाएगा। गांधी भवन के सामने रेलवे परिसर में मल्टी स्टोरी पार्किग कांप्लैक्स के भी निर्माण को स्वीकृति मिल चुकी है। यह जानकारी मंगलवार को डीआरएम मनोज सेठ ने नगर निगम मेयर कमल बाकोलिया, विधायक अनिता भदेल और अन्य लोगों को दी। यह लोग रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के विस्तार के बारे में डीआरएम सेठ से मिले थे।
मेयर कमल बाकोलिया ने बताया कि उन्होंने डीआरएम मनोज सेठ को बताया कि रेलवे कॉलोनियों और परिसरों से गुजर रहे आम नागरिक सुविधाओं के सड़क मार्ग पर रेलवे प्रशासन की ओर से लगाए गए बैरिकेडिंग को हटाया जाना चाहिए। इससे फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और अन्य आवश्यक सुविधाओं के वाहनों के आने-जाने में परेशानी होती है।
डीआरएम सेठ ने कहा कि राज्य सरकार से सड़कों को चौड़ा करने की स्वीकृति मिलने पर ही यह संभव होगा। मार्टिडलब्रिज के निकट पानी के भराव को रोकने के लिए रेलवे परिसर से पानी निकास के लिए नाले के निर्माण पर भी डीआरएम ने स्वीकृति जारी की है।