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पशुपालन अधिकारी की मौत, कातिलों का सुराग नहीं, गिरफ्तारी की मांग

7 वर्ष पहले
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अजमेर. क्रिश्चियनगंज स्थित मेहबूब की कोठी क्षेत्र में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुए पशुपालन विभाग के फील्ड ऑफिसर महेंद्र सिंह ने शनिवार को दम तोड़ दिया। वे जेएलएन अस्पताल में भर्ती थे। मृतक के पैतृक गांव हरियाणा स्थित हिसार नारनौंद से बड़ी संख्या में रिश्तेदार व परिचित यहां पहुंचे।
भारी पुलिस सुरक्षा के बीच मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने के बाद लाश परिजनों को सौंप दी गई। मृतक का अंतिम संस्कार पैतृक गांव में किया जाएगा। इधर हत्या के प्रयास की बजाय अब हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। मृतक के पर्चा बयानों पर शक के घेरे में आए भाजपा पार्षद को फिलहाल पुलिस ने क्लीनचिट नहीं दी है, लेकिन उन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है।
इधर न तो कत्ल की वजह स्पष्ट हो सकी आैर न ही कातिलों का सुराग अब तक हाथ लगा। थानाप्रभारी नेमसिंह चौहान के मुताबिक अस्पताल में इलाज के दौरान महेंद्र सिंह की मौत हो गई। मेडिकल ज्यूरिस्ट सुमेरसिंह के नेतृत्व में गठित चिकित्सकों की टीम ने मृतक का पोस्टमार्टम किया।

इससे पहले एक बार फिर मृतक के उन हिस्सों का एक्स-रे करवाया गया, जहां गोली लगी थी। वारदात स्थल को सीज कर दिया गया। मृतक ने पर्चा बयान में हमलावरों को पहचानने से इनकार किया था, लेकिन शक के आधार पर पुरानी रंजिश रखने वाले भाजपा पार्षद नीरज जैन सहित दो लोगों के नाम पुलिस को बताए हैं। एक अन्य संदिग्ध की तलाश में पुलिस दल हरियाणा के नारनौंद भेजा गया, लेकिन सुराग हाथ नहीं लग सका।
निर्दोष नहीं फंसे, दोषी को मिले सजा

मृतक के पुत्र आशीष का कहना है कि वारदात वाली रात 2.47 बजे उसके पिता का फोन आया था। पिता ने कहा था, मुझे गोली मार दी गई है, बचा लो। इधर मृतक के परिचित नारनौंद नगर पालिका के चेयरमैन शमशेर सैनी, पार्षद सुरेश सिंह आैर पार्षद राजकुमार भट्ट का कहना है कि हर हाल में दोषी को सजा मिलनी चाहिए। कोई निर्दोष नहीं फंसना चाहिए।
नारनौंद के प्रमुख समाजसेवी विजेंद्र लोहान आैर नरेश शर्मा ने कहा कि पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करे या पूरे मामले की सीबीआई जांच करवाई जाए।

कल तक प्राइम सस्पेक्ट

वारदात के 48 घंटों बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। अब तक न तो कातिलों का सुराग हाथ लगा है आैर न ही कत्ल की वजह स्पष्ट हो सकी। इधर मृतक के पुत्र ने कल तक सुशील उर्फ भोला पर शक जाहिर किया था, लेकिन अब उसने भोला का वारदात में लिप्त होने से इनकार कर दिया। आशीष का आरोप है कि हत्या के तार पार्षद से जुड़े हैं। कुछ दिनों पूर्व ही पार्षद से झगड़ा हुआ था, तब से वह रंजिश रखता है।

पार्षद से 36 घंटे पूछताछ कर छोड़ा

पुलिस ने पार्षद से इस मामले में गहनता से करीब 36 घंटे तक पूछताछ की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। पूछताछ के बाद पार्षद को छोड़ दिया गया। पुलिस का मानना है कि पशुपालन अधिकारी की हत्या के तार अन्य लोगों से भी जुड़े हो सकते हैं।

मामला एक नजर

पुलिस के मुताबिक गुरुवार रात ढाई से तीन बजे शहर के क्रिश्चियनगंज इलाका स्थित महबूब की कोठी क्षेत्र में तीन बदमाशों ने पशुपालक विभाग में फील्ड अधिकारी महेंद्र सिंह चौधरी के घर दस्तक देकर उनपर गोलियां दागी थीं। वारदात में शामिल तीन युवकों में से एक युवक ने रिवाल्वर निकाल कर लगातार चार फायर किए थे। एक गोली महेंद्र सिंह के सीने में और एक गोली उनके पेट में लगी थी, जबकि दो फायर मिस हो गए थे। वारदात के बाद तीनों बदमाश मौके से भाग निकले थे।
' हत्या के प्रयास में दर्ज मुकदमे को हत्या में बदला गया है। मृतक के परचा बयानों के आधार पर विभिन्न बिंदुओं काे ध्यान में रखकर मामले की तहकीकात की जा रही है। '
-महेंद्र सिंह चौधरी, एसपी, अजमेर
आगे की स्लाइडों में देखें अधिकारी की मृत्यु के बाद पहुंचे परिचितों और पुत्र की तस्वीरें-