अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या
बहरोड़. रैफरल अस्पताल में चिकित्सा अधिकारी के समक्ष उपचार कराने पहुंचे मरीज।
बहरोड़| उपखंडक्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से रूक -रूक कर बारिश एवं तेज गर्मी पड़ने के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। जिससे अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या से मौसमी बीमारी फलने की संभावना से लोगों द्वारा प्रशासन स्वास्थ्य विभाग द्वारा फोगिंग करवाने तथा पेयजल टंकियों में स्वास्थ्य रक्षक दवाइयां डलवाने की मांग की है। वाशिंदे पार्षद विजय गोयल, उद्यमी किशन लाल अग्रवाल, राजू सेठ ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से बारिश एवं दोपहर में चटक तेज गर्मी पड़ने से मच्छरों का प्रकोप अधिक बढ़ रहा है। शहर के कई स्थानों पर गंदगी का आलम रहने से कांग्रेस घास भी जगह-जगह उग रही है। जिससे मक्खी-मच्छर हवा के साथ घरों के अंदर प्रवेश कर रहे है। जिसके कारण लोगों को खांसी-बुखार सहित अन्य बीमारियां फैल रही है। बच्चों में संक्रमण बीमारी का असर अधिक बना हुआ है। वाशिंदों ने प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग से शहर में फोगिंग कराने की मांग की है। जिससे मौसमी बीमारी पर अंकुश लग सकता है। शहर में लम्बे समय से फोगिंग स्प्रे नहीं होने से भी मौसमी बीमारी बढ़ना बताया। रैफरल अस्पताल के प्रभारी डा. सुरेश यादव का कहना है कि बारिश गर्मी पड़ने से मक्खी-मच्छर पनपने से वायरल के रोगी बढ़े है। जिनका समय पर इलाज कर दवाई दी जा रही है। उन्होंने मरीजों को खानपान के साथ सावधानी बरतने पर बल दिया।
सीएचसीमें स्टाफ की कमी से मरीज परेशान
टहला|मौसमपरिवर्तन के साथ ही सीएचसी टहला पर मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। सीएचसी टहला पर प्रात 10 से 12 बजे तक मरीजों का अंबार लगा रहता है, वायरल बुखार, सर्दी जुकाम, बदन दर्द, पेट दर्द अन्य बीमारी से ग्रसित मरीज सीएचसी पर प्रतिदिन 200 से अधिक मरीज दिखाने रहे हैं, जिसमें कस्बा टहला सहित क्षेत्र के दपकन , राजोरगढ़, मल्लाना, गोवर्धनपुरा, रामपुरा, ककराली , आसन घाटड़ा, तिलवाड़, पालपुर, धोलीखान, खोह दरीबा टोडा जयसिंहपुरा सहित अन्य ग्राम गुवाड़ों से मरीज आते हैं, मरीजों ने बताया कि क्षेत्र की अधिकांश पीएचसी पर डाक्टर नहीं मिलते वहीं क्षेत्र के अधिकांश उपस्वास्थ्य केन्द्रों पर एएनएम के अभाव के चलते ताले लगे हुए है, जिससे हमें वहां स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल रहा है, मरीजों ने मौसमी बीमारी के बढ़ते मरीजों की