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70 घंटे, मोबाइल, परिजन फिर भी हो गई क्रॉस वोटिंग

6 वर्ष पहले
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अलवर। शनिवार शाम, 4.55 बजे। भाजपा की जिला प्रमुख प्रत्याशी अनुराधा शेखावत जिला परिषद से अचानक बाहर निकलती हैं। समर्थकों के कान जीतने की बात सुनने को बेताब हैं, लेकिन वे अपने पति से कहती हैं-वे मुझे एक वोट से हरा रहे हैं।
अनुराधा की इस बात के साथ पिछले दो दिन से अंदरखाने चल रहे पॉलिटिकल ड्रामा का एंड हो गया और करीब 70 घंटे तक चली भाजपा की बाड़ेबंदी में सेंधमारी का खुलासा हो गया। जिला परिषद के 49 प्रत्याशियों की मतगणना से ठीक पहले भाजपा ने सरिस्का पैलेस होटल में बाड़ेबंदी कर दी थी।
बाड़ेबंदी की कमान जिले के प्रभारी मंत्री हेमसिंह भडाना ने संभाली। इनमें से भाजपा के 29 प्रत्याशी जिला पार्षद का चुनाव जीते थे। सभी नवनिर्वाचित पार्षदों को जिला प्रमुख चुनाव के लिए शनिवार दोपहर करीब 3:15 बजे वोटिंग स्थल पर जबरदस्त घेरेबंदी में पहुंचाया गया।
पार्षद एक-एक कर प्रवेश कर गए लेकिन जिला प्रमुख के परिणाम ने सबको चौंका दिया। भाजपा नेताओं की कलई खुल गई। 49 में से 29 सदस्य जीतकर बहुमत हासिल करने के बावजूद कांग्रेस की रीना यादव जिला प्रमुख बन गई।

परिणाम के बाद सबके सामने गया कि बाड़ेबंदी में कड़ी निगरानी में बिना मोबाइल रहने के बावजूद जीतने वाले पार्षदों की आखिर किससे बात हुई कि उन्होंने भाजपा के बजाय कांग्रेस को वोट दिया। आखिर वो कौन था जिसने बाड़ेबंदी में सेंध लगाकर नवनिर्वाचित भाजपा पार्षदों तक यह मैसेज पहुंचाया कि वोट कांग्रेस को करना है।
यह रही हार की बड़ी वजह
कई खेमों में बंटी भाजपा में दो खेमे असरदार माने जाते हैं। भाजपा ने टिकट एक खेमे से जुड़ी प्रत्याशी को दिया। दूसरे खेमे से जुड़े भाजपा नेता में अपनी हैसियत का दबदबा कायम रखने के लिए कुछ पार्षदों को क्राॅस वोटिंग के लिए राजी कर लिया। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि भाजपा के दस पार्षदों ने कांग्रेस तथा कांग्रेस के 4 पार्षदों ने भाजपा को वोट किया। इससे भाजपा के पक्ष में 24 तथा कांग्रेस के पक्ष में 25 वोट दर्ज हो गए।

भाजपा की अंतर्कलह आई सामने

बहुमत के बावजूद जिला प्रमुख नहीं बना पाने से भाजपा की अंतर्कलह सामने गई है। इसी के साथ भा जपा को करारा झटका लगा है। पर्दे के पीछे चले पॉलिटिकल ड्रामे से जिले के कई भाजपा नेताओं के राजनीितक कॅरिअर पर असर पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है।