अलवर/मुंडावर/कोटकासिम. मुंडावर और कोटकासिम क्षेत्र में पांच नए डेंगू रोगी मिले हैं। सूचना पर चिकित्सा विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर मरीजों के घरों के आसपास क्षेत्र में दवा का छिड़काव कराया।
रविवार को बहरोड़ के निजी अस्पताल में मुंडिया खेड़ा निवासी महावीर, उसकी पत्नी सावित्री, उसके परिवार की कल्ली देवी पत्नी उदय सिंह एवं पड़ोसी रामानंद की प्लेटलेट्स कम होने पर जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। यहां से महावीर, सावित्री कल्ली देवी को जयपुर रैफर कर दिया, जबकि रामानंद बहरोड़ के निजी अस्पताल में भर्ती है। दो दिन पूर्व इसी परिवार की सपना उर्फ कमलेश पत्नी जीतसिंह यादव जितेन्द्र पुत्र महावीर को डेंगू की पुष्टि हुई थी। वे जयपुर के अस्पताल में भर्ती हैं।
डेंगू रोगियों की सूचना पर बीसीएमओ बाबूलाल गोठवाल के नेतृत्व मे चिकित्सा दल ने गांव मुंडिया खेड़ा पहुंचकर रोगियों के आसपास के घरों में दवा का छिड़काव कराया। उन्होंने बताया कि गांव में दवा का छिड़काव करा दिया गया है और बुखार के रोगियों को दवा दी गई है।
पानी की टंकियों को खाली कराया गया। इधर, कोटकासिम के बड़सरा गांव में रविवार को सतेन्द्र पुत्र प्रहलाद शर्मा को डेंगू की पुष्टि हुई है। पीड़ित के परिजनों के अनुसार उसे पिछले तीन दिन से बुखार था। अलवर के निजी अस्पताल में प्लेटलेट कम होने पर उसे डेंगू की पुष्टि हुई। शेषपेज|12
पिछले दिनों घीकाका में गुड्डू चौधरी हरेन्द्र शर्मा को डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। अब तक यहां पांच डेंगू रोगी मिल चुके हैं। वही कोटकासिम में बुखार से दो की मौत भी हो चुकी है।
सीएचसी में डॉक्टर्स के नौ पद रिक्त
कोटकासिमसीएचसी में एकमात्र डॉक्टर कार्यरत है, जबकि यहां नौ पद रिक्त हैं। क्षेत्र में मौसमी बीमारी फैलने पर करीब साढ़े तीन सौ रोगी रोजाना सीएचसी पहुंच रहे हैं। यहां एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर डॉक्टर लगाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन हालात नहीं सुधरे हैं।
तीन निजी अस्पतालों में लगातार रहे डेंगू रोगी
शहर के तीन निजी अस्पतालों में दो महीने में दो सौ से अधिक डेंगू रोगी पहुंच चुके हैं। सोलंकी हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. जीएस सोलंकी के अनुसार दो महीने में डेंगू के करीब 50 रोगी चुके हैं। वहीं हरीश हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. हरीश गुप्ता बताते हैं कि दो महीने में करीब डेढ़ सौ रोगी आ चुके हैं।