पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • शव दफनाने को लेकर..

शव दफनाने को लेकर..

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
शव दफनाने को लेकर..

तनावबढ़ने पर खेड़ली, कठूमर, बड़ौदामेव, गोविंदगढ़ लक्ष्मणगढ़ सहित अलवर पुलिस लाइन से जाप्ता बुलाया गया। डीएसपी ने दोनों पक्षों की वार्ता कराई। इसके बाद खुदाई वाले स्थान पर ही मृतक का शव दफनाना तय हुआ। दोनों पक्षों में लिखित समझौता हुआ और भविष्य में जाटव बस्ती के समीप अन्य ग्रामीणों के शव दफन नहीं करने पर सहमति बनी। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में शव को दफनाया गया।

डेंगूका खतरा..

पिछलेदिनों घीकाका में गुड्डू चौधरी हरेन्द्र शर्मा को डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। अब तक यहां पांच डेंगू रोगी मिल चुके हैं। वही कोटकासिम में बुखार से दो की मौत भी हो चुकी है।

सीएचसीमें डॉक्टर्स के नौ पद रिक्त : कोटकासिमसीएचसी में एकमात्र डॉक्टर कार्यरत है, जबकि यहां नौ पद रिक्त हैं। क्षेत्र में मौसमी बीमारी फैलने पर करीब साढ़े तीन सौ रोगी रोजाना सीएचसी पहुंच रहे हैं। यहां एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर डॉक्टर लगाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन हालात नहीं सुधरे हैं।

तीननिजी अस्पतालों में लगातार रहे डेंगू रोगी : शहरके तीन निजी अस्पतालों में दो महीने में दो सौ से अधिक डेंगू रोगी पहुंच चुके हैं। सोलंकी हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. जीएस सोलंकी के अनुसार दो महीने में डेंगू के करीब 50 रोगी चुके हैं। वहीं हरीश हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. हरीश गुप्ता बताते हैं कि दो महीने में करीब डेढ़ सौ रोगी अस्पताल में इलाज करा चुके हैं। अब रोजाना तीन से चार मरीज रहे हैं। मित्तल हॉस्पिटल के डॉ. एस सी मित्तल का कहना है कि अस्पताल में 15 से बीस डेंगू के मरीज चुके हैं।