अलवर। फरवरी के अंत तक मौसम अनुकूल बना रहा तो इस बार जिले में सरसों की 40 से 45 लाख क्विंटल पैदावार होने की उम्मीद है। सरसों की पैदावार औसतन 18 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो सकती है। जिले में इस वर्ष सरसों की 2.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई हुई है।
कृषि उप निदेशक छोटेलाल यादव ने बताया कि समय पर हुई मावठ तथा मौसम की अन्य स्थितियां अनुकूल रहने से फिलहाल सरसों की पैदावार अच्छी होने की संभावना है। जिलें में सरसों की बुवाई देरी से होती है। इसलिए फरवरी के अंत तक कटाई शुरू हो पाती है। फरवरी के अंत में ही सरसों की आवक मंडियों में शुरू होगी। फिलहाल एक-दो उन क्षेत्रों की सरसों मंडियों के सकती हैं, जहां जल्दी बुवाई हुई है।
नई फसल की उम्मीद से घटने लगे भाव
पुरानी सरसों बेचने में जहां किसान सक्रियता दिखा रहे हैं, वहीं व्यापारी खरीदारी कम कर रहे हैं। व्यापारी सुरेशचंद जलालपुरिया ने बताया कि मंडी में अब नई फसल की सरसों की अच्छी आवक शुरू होने वाली है। इसलिए सरसों के भाव कम हो रहे हैं।