~ दो लाख से अिधक के लेनदेन में पेनकार्ड की अनिवार्यता से आक्रोश
केंद्रसरकार की आेर से लागू दो लाख रुपए से अधिक के लेनदेन पर पेन कार्ड की अनिवार्यता को लेकर सर्राफा व्यापारियों में आक्रोश है। इनका कहना है कि सोने-चांदी और जेवरात व्यवसाय में इस बंदिश से उनके सामने परेशानी रही हैं। कारोबार प्रभावित होता है।
सर्राफा व्यापारियों ने बताया कि दो लाख रुपए में 60-70 ग्राम सोने का जेवरात भी पूरा नहीं बनता है। पेन कार्ड अन्य प्रक्रियाओं के बीच व्यापारी उलझ जाता है। विशेष रूप से ग्रामीण लोगों के पास पेन कार्ड नहीं हैं, तो ऐसे में व्यापारी क्या करेगा। इस सीमा को सर्राफा बाजार के लिए दस लाख रुपए तक कर दिया जाए तो व्यापारी आम उपभोक्ता अधिक राहत महसूस करेगा।
सर्राफा व्यापार कमेटी के अध्यक्ष सत्यनारायण खंडेलवाल का कहना है कि केंद्र सरकार से इस मामले में हमने मांग उठाई है कि 2 लाख से अधिक के लेनदेन पर पेन कार्ड की अनिवार्यता समाप्त की जाए, क्योंकि इससे व्यापारियों को भारी परेशानी रही है। कमेटी के सचिव रमेश चंद सिंघल का कहना है कि 20000 से अधिक की खरीदारी पर चेक से लेनदेन की शर्त भी सर्राफा व्यापारियों के समक्ष दिक्कत पेश करती है। कारण है कि सोना-चांदी जब भी कोई बेचने आता है, उसकी मजबूरी होती है, उसे तुरंत पैसा चाहिए। ऐसे में चेक से भुगतान करने की बात को वह नहीं मानता।
सिंघल का कहना है कि केंद्र सरकार ने जेवरात व्यवसाय पर एक प्रतिशत टैक्स लगा रखा है। इसके आधार पर एक लाख की बिक्री पर उसे एक हजार रुपए टैक्स देना पड़ता है। इतनी बिक्री पर व्यापारी को मात्र 300 रुपए की बचत होती है। अध्यक्ष सचिव ने मांग उठाई है कि टैक्स में कमी की जाए। इससे सरकार को राजस्व अधिक होगा। व्यापारियों को भी सुविधा होगी।
केंद्र सरकार के नियमों के कारण उत्पन्न समस्या को लेकर सर्राफा व्यापारियों के राष्ट्रीय संगठन के आह्वान पर जिलेभर में बुधवार को सर्राफा प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। सर्राफा व्यापार कमेटी के अध्यक्ष सत्यनारायण खंडेलवाल सचिव रमेश चंद सिंघल ने बताया कि दो लाख से अधिक के लेनदेन पर पेन कार्ड की अनिवार्यता 20 हजार से अधिक की खरीदारी बेचान का भुगतान चेक से करने को लेकर विरोध है। शहर के करीब 300 सहित जिले के 1000 प्रतिष्ठान बंद रहेंगे।