रेजगारी छोटे नोटों की किल्लत से परेशानी
रेजगारी के अभाव में बनते हैं ऐसे हालात
गांव उलाहेड़ी के कालू राम ने बताया कि उसने मुंडावर के अपने बैंक खाते से पांच हजार रुपए निकाले तो बैंक के कैशियर ने उन्हें पांच-पांच सौ रुपए के नोट थमा दिए। उन्होंने जब कैशियर से दस, पचास के नोट तथा कुछ सिक्के देने की बात कही तो उन्होंने यह कर मना कर दिया कि छोटे नोट सिक्के नहीं हैं। उसके बाद उसने जब सब्जी खरीदी तो सब्जी वाले ने छियासठ रुपए की सब्जी खरीदने पर खुले पैसे नहीं होने की बात कहते हुए कहा कि या तो आप खुले पैसे दें या फिर सौ रुपए की सब्जी खरीदें। पदमाड़ा के मामचन्द यादव ने बताया कि उन्होंने एक दस्तावेज की दो फोटो कापी कराने के लिए फोटो कापी करने वालों की आठ दुकानों पर चक्कर लगाए किसी ने भी खुल्ले पैसों के चक्कर में फोटो कापी नहीं की। सभी जगह एक ही सवाल मिला कि चार रुपए खुल्ले हैं तो फोटो कापी करेंगे वरना बीस रुपए की फोटो कापी करानी पड़ेगी। मजबूरी में उन्होंने बिना जरूरत के बीस रुपए की ही फोटो कापी कराई। कस्बे के राजेश ने बताया कि वह रोडवेज बस से मुंडावर से बहरोड़ जा रहा था। बस के परिचालक को किराए के लिए सौ रुपए का नोट दिया तो उसने खुल्ले रुपए मांगे। खुल्ले पैसे नहीं होने पर उसने टिकट बनाई और उसके पीछे बकाया पैसे कलम से लिख दिए। बहरोड़ आने के बाद परिचालक से बकाया रुपए मांगे तो उसने कहा कि आप टिकट के खुल्ले पैसे दे दो और अपना सौ का नोट ले जाओ। नोट खुलाने के लिए मजबूरी में उसने पानी की बोतल खरीदी वहां भी अट्ठारह रुपए की बोतल के खुल्ले पैसे नहीं होने के कारण बीस रुपए काटे गए। यही हाल मोबाइल में रिचार्ज कराने वालों के साथ अक्सर हो रहा है।
पांच रुपए के सिक्के पचास रुपए के नोटों की कमी सबसे ज्यादा
हालात
भास्कर न्यूज | मुंडावर
लोगइन दिनों रेजगारी और छोटे नोटों की कमी की परेशान हो रहे हैं। पांच रुपए के सिक्के पचास रुपए के नोटों की कमी सबसे ज्यादा है। बैंकों में जाने के बाद भी बैंककर्मी छोटे नोट सिक्के नहीं होने की बात कहकर अपना पीछा छुड़ा रहे हैं। मुंडावर कस्बे के स्टेट बैंक बीकानेर एंड जयपुर की शाखा में आरबीआई की चेस्ट ब्रांच स्थापित हैं यहां आरबीआई नए नोट सिक्के भेजता है। लेकिन यहां भी बैंककर्मी छोटे नोट सिक्के आरबीआई से नहीं आने की बात कहकर अपना पीछा छुड़ा रहे हैं।
^आरबीआईकी ओर से बैंक में कई महीनों से पचास रुपए