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पहले ने 8.29 लाख का गबन बताया दूसरे ने दी क्लीन चिट

7 वर्ष पहले
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गबन के एक मामले में एसीबी की दो रिपोर्ट

जांच रिपोर्ट पर उठे सवाल

गबनके एक मामले में एसीबी के दो अधिकारियों की अलग-अलग रिपोर्ट सामने आई है। पूर्व एडीशनल एसपी ने जहां मामले की जांच कर करीब 8.29 लाख के गबन के लिए पांच जनों की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए एफआईआर दर्ज की थी वहीं वर्तमान एसीबी एएसपी ने इस मामले की नए सिरे से जांच कर पूरे प्रकरण पर हाल ही एफआर लगा दी है। एक ही मामले की दो अलग-अलग रिपोर्टों के बाद एसीबी की कार्यशैली पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। मामला राजकीय नवीन सीनियर हायर सैकंडरी स्कूल के विकास कोस दुरुपयोग से जुड़ा है। इस मामले की एसीबी दो बार विस्तृत जांच कर चुकी है। एसीबी के पूर्व एएसपी विश्नाराम विश्नोई को एक गोपनीय शिकायत मिली। शेष|14पर











इसकेबाद वर्ष 1999 से 2010 तक का विद्यालय विकास फंड से जुड़ा रिकार्ड जब्त किया था। इस रिकार्ड की गहनता से जांच के बाद 8.29 लाख 931 रुपए की अनियमितताओं से निर्माण कर राजकीय कोष को नुकसान पहुंचाने संबंधी रिपोर्ट तैयार की गई थी तथा इस रिपोर्ट के बाद एसीबी मुख्यालय के आदेश पर ही स्कूल में समय-समय पर कार्यरत रहे तीन संस्था प्रधान और दो व्याख्याताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।

महकमे में चर्चा, आखिर कौनसी जांच सही

एकही मामले की दो अलग-अलग जांच सामने आने के बाद शिक्षा महकमे में कई तरह की चर्चाओं ने जोर पकड़ा हुआ है। दोनों जांचों पर सवाल उठ रहे हैं। कहा जा रहा है कि आखिर जांच पूर्व एएसपी की सही थी या जांच में हेरफेर की गई है। इन सबके बीच 8.29 लाख के विकास कोष और टेंडर सहित अनियमितताओं के जिम्मेदार कौन थे, इसका किसी को जवाब नहीं मिला है। जबकि शिक्षा विभाग ने तीनों संस्था प्रधानों और दो व्याख्याताओं पर कार्रवाई के लिए ढाई साल पहले ही जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक प्रथम को आदेशित कर दिया था।

^टेक्निकलकमेटी की जांच के बाद ही तो कितने की गड़बडिय़ां हुई इसका आंकलन किया गया होगा। एसीबी में पहले जांच होती है बाद में एफआईआर दर्ज की जाती है। अब क्या हुआ मैं इस बारे मे क्या कह सकता हूं। विश्नारामविश्नोई, पूर्वएएसपी, एसीबी

^पीडब्ल्यूडीकी रिपोर्ट के आधार पर हमने मामले पर एफआर लगाकर कोर्ट में भी फाइल भिजवा दी है। दोबारा जांच मुख्यालय से मिले निर्देश के आधार पर की गई थी। पीयूषदीक्षित, एएसपीएसीबी.