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सरकारी लापरवाही से फैला डिप्थीरिया : दुर्रूमियां

7 वर्ष पहले
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टीकाकरण नहीं करने वालों बच्चों में फैला

डिप्थीरिया से संक्रमित पांच बच्चे और भर्ती

अलवर| पूर्वचिकित्सा मंत्री दुर्रू मियां ने कहा कि सरकारी तंत्र की लापरवाही से जिले में डिप्थीरिया का संक्रमण फैला है। समय रहते एहतियात बरती जाती तो यह स्थिति नहीं होती।

उन्होंने कहा कि सरकार अभी भी इस बीमारी को लेकर गंभीर नहीं है। संक्रमित इलाकों में डॉक्टरों की टीम भेजनी चाहिए। अगर बाहर से एक्सपर्ट बुलाने की जरूरत हो, उन्हें बुलाए। जैसे ही डिप्थीरिया की रिपोर्ट आनी शुरू हुई थी उसी समय सरकार काे मॉनिटरिंग शुरू कर देनी चाहिए थी। दुर्रू मियां ने कहा कि हमारी निशुल्क दवा योजना को वसुंधरा राजे जहर बताती थी। जबकि इस योजना की डब्ल्यूएचओ तक ने तारीफ की है। मरीजों को दी जाने वाली सभी दवाएं मानकों पर खरी थी। पिछले एक साल में सरकार ने हेल्थ सेक्टर में कुछ नहीं किया। उल्टे सरकारी अस्पतालों में मरीजों को दवाएं मिलना बंद हो गया।

सतर्कता बरतने के निर्देश

टीमने रोगियों के परिजनों को सलाह दी कि डिप्थीरिया संक्रमण थूकने, खांसने, छींकने लार से फैलता है। इस रोग के रोगी को दौड़ना, कूदना, चढ़ना उतरना कम चाहिए। खांसते थूकते समय सावधानी बरतनी चाहिए।

एेसे समझे डिप्थीरिया को

डिप्थीरियातीन प्रकार का होता है। इनमें नाक, गला और श्वास का शामिल हैं। इनमें खतरनाक गले का होता है। इलाज नहीं कराने पर 2 से 4 सप्ताह में डिप्थीरिया एक से दूसरे बच्चे में फैलता है। दो से पांच दिन में इस रोग के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। संक्रमण वाला स्थान जला हुआ दिखाई देता है। वहां सफेद रंग की झिल्ली बन जाती है और उसके चारों ओर सूजन और लालिमा हो जाती है। दूसरे से तीसरे सप्ताह में गले और दिल पर असर पड़ता है। गले का लकवा सकता है, जिससे आवाज बदल जाती है।

डॉ. योगेश यादव ने कहा कि यह रोग उन्हीं बच्चों फैला है, जिन्होंने डीटीपी का टीकाकरण नहीं कराया या एक-दो स्टेज तक टीकाकरण हुआ हो। जिन बच्चों का अब तक टीकाकरण नहीं हुआ है वे टीकाकरण कराएं। सर्वे के साथ टीकाकरण का भी कार्य किया जा रहा है। वे गुरुवार को शिशु चिकित्सालय में डिप्थीरिया रोगियों को देखने के बाद भास्कर से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि अलवर में डिप्थीरिया वेक्सिन की कमी नहीं है। अब हालात नियंत्रण में है। यह रोग अन्य बच्चों में नहीं फैले इसके लिए सतर्कता की जरूर