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महिला अस्पताल में भी बायोकेमिस्ट्री जांच
इनकी होगी जांच
ब्लड शुगर, ब्लड यूरिया, क्रेटीनाइन, बिलीरुबीन टी, बिलीरुबीन डी, एसजीओटी, एसजीपीटी, एस अल्कालाइन फास्फेट, टोटल प्रोटीन, एस एल्बुमिन, केल्सियम, सीके एनएसी, सीके एमबी, एलडीएच, एमीलेस, यूरिक एसिड, टोटल कोलेस्ट्रॉल, ट्रिगलीसेराइड, वीएलडीएल, एचडीएल की जांच होगी। ये मधुमेह, गुर्दे, लीवर, कैल्सियम, हृदय रोग, अग्नाशय, जोड़ों में दर्द, खून में कोलेस्ट्रॉल तथा खून में बसा की जांच होती हैं, जो रेन्डोक्स मशीन से होंगी।
लैबमें स्टाफ की कमी : महिलाअस्पताल की लैब में लैब टेक्नीशियन की कमी खल रही है। मशीन के शुरू होने पर तो कमी अधिक अखरेगी। क्योंकि महिला अस्पताल की लैब में मात्र तीन कर्मचारी हैं। इनमें से एक अभी छुट्टी पर है। फिलहाल यहां दो ही कर्मचारी काम कर रहे हैं। जबकि यहां रोजाना ओपीडी और इनडोर के करीब डेढ़ सौ रोगियों की हीमोग्लोबिन टेस्ट और शुगर से लेकर कई जांच होती हैं। स्टाफ की कमी से यहां परेशानी होती है।
भास्कर न्यूज | अलवर
शहरके महिला अस्पताल में भी रोगियों की बायोकेमिस्ट्री जांच हो सकेंगी। मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना के अंतर्गत 32 लाख रुपए की आधुनिक रेन्डोक्स मशीन आई है। इससे अस्पताल में महिला रोगियों की 20 तरह की जांच होगी। मशीन के इंस्टालेशन के लिए कंपनी को सूचित कर दिया गया है। मशीन को महिला अस्पताल की लैब में रखवा दिया गया है। महिला अस्पताल में रोगियों की जांच अभी तक मैनुअल ही हो रही थी। लेकिन अब रेन्डोक्स मशीन से जांच होगी। इस मशीन से जांच में भी शीघ्रता होगी और रिजल्ट भी सटीक आएंगे। इसी तरह की मशीन से राजीव गांधी अस्पताल की सेंट्रल लैब में जांच की जा रही हैं, जिसका प्रयोग काफी सफल साबित हुआ है। शेषपेज|18
इससेरोगियों को समय पर जांच संभव हो रही है। मशीन को इंस्टालेशन के लिए कंपनी को सूचित कर दिया गया है। वहां से शीघ्र ही इंजीनियर आने की उम्मीद है। इंस्टालेशन के बाद मशीन से रोगियों की जांच शुरू हो जाएगी। उल्लेखनीय है कि कई बार महिला रोगियों को भी जांच के लिए राजीव गांधी की सेंट्रल लैब जाना पड़ता था। इससे उन्हें काफी परेशानी होती थी।
^मशीनके इंस्टालेशन के लिए कंपनी को सूचित कर दिया है। दो-तीन दिन में मशीन से जांच शुरू हो जाएगी। लेकिन जांच के लिए लैब टेक्नीशियन की कमी है। इनकी व्यवस्था के प्रयास किए जाएंगे। तभी रोगियों को मशीन से जांच क