अलवर। जिलाखाद-बीज दवाई विक्रेता संघ के बैनर तले मंगलवार को कीटनाशक अनुज्ञापत्र अधिनियम संशोधन-2015 के विरोध में दवा विक्रेताओं ने सांकेतिक हड़ताल कर दुकानें बंद रखी तथा रैली निकाल कर प्रदर्शन किया। रैली सुबह 10 रेलवे स्टेशन मार्ग स्थित उपनिदेशक कृषि विस्तार कार्यालय से शुरू होकर बिजलीघर, केडलगंज, नगर परिषद, होपसर्कस, बजाजा बाजार एवं त्रिपोलिया होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची और एडीएम द्वितीय विनय कुमार नगायच को प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में लिखा है कि देश में करीब 2.82 लाख खाद-बीज एवं कीटनाशक लाइसेंसी विक्रेता है। ये उपनिदेशक कृषि विस्तार द्वारा लाइसेंस लेकर कृषि उत्पाद का कारोबार कर रहे है। ज्ञापन में लिखा है कि सरकार का यह संशोधन कीटनाशक दवा विक्रेताओं के लिए व्यावहारिक नहीं है, जबकि पुराने लाइसेंसधारी कम शिक्षित है। उन्हें अब स्नातक की डिग्री लेना प्राप्त करना संभव नहीं है। यदि सरकार उनका लाइसेंस रद्द करती है तो वे बेरोजगार हो जाएंगे और रोजी-रोटी छीन जाएगी।
साथ ही ये बैंकों एवं अन्य राज्य वित्त निगम से कर्ज लेकर अपना कारोबार कर रहे हैं। यदि नया कीटनाशक अधिनियम लागू होता है, तो उक्त व्यवसायी कर्ज चुकाने में असमर्थ हो जाएंगे। इससे पहले दवा विक्रेता संघ के पदाधिकारियों ने कृषि उपनिदेशक पीसी मीणा को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर संगठन जिलाध्यक्ष अमरनाथ चावला, कमल गोयल, संजीव मित्तल, पंकज जोशी, नरेश गोयल सहित जिलेभर के खाद-बीज कीटनाशक दवा विक्रेता शामिल थे।
अधिनियम में यह हुआ है संशोधन
केंद्र सरकार ने 5 नवंबर 2015 को कीटनाशक अधिनियम में संशोधन किया है। इसमें लाइसेंसधारी को 4 नवंबर 2017 तक कृषि, विज्ञान, रसायन एवं जैव रसायन आदि विषय में स्नातक डिग्री प्राप्त करना आवश्यक कर दिया है। अन्यथा उक्त कीटनाशक दवा विक्रेता का लाइसेंस निरस्त हो जाएगा।
जिलेभर में हुआ विरोध
किशनगढ़बास| खाद-बीजकीटनाशक विक्रेता संघ ने दुकानें बंद रखकर एसडीएम उम्मेदी लाल मीणा को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। अध्यक्ष मनोज व्यास, पवन कुमार, रितेश यादव, अशोक लख्याणी , राजेंद्र यादव, इंद्र भगतानी, सुरेंद्र, सुरेंद्र अग्रवाल, कालूराम पटेल आदि मौजूद रहे।
खेड़ली| खाद-बीजसंघ के अध्यक्ष महेश गुप्ता के नेतृत्व में कस्बे के खाद-बीज विक्रेताओं ने कठूमर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।