दो महीने बाद बरामद बालिका हाईकोर्ट में पेश
हाईकोर्टकी खंडपीठ डबल बेंच की कोर्ट नंबर तीन में बुधवार को खापरिया निवासी नाबालिग बालिका को पेश किया गया। जहां बालिका ने परिजनों से जान को खतरा बताया और गांव के युवक रवि के साथ रहने की मांग की। जिससे न्यायाधीश ने बालिका को अलवर बाल कल्याण समिति में ठहराने के आदेश जारी किए। जांच अधिकारी किशनगढ़बास सीओ त्रिलोकीनाथ शर्मा ने बताया कि गांव खापरिया निवासी एक जने ने 6 दिसंबर को रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि पांच दिसंबर को उसकी पुत्री का गांव के युवक अपहरण कर ले गए। पीड़ित ने थाने के सामने 36 दिन तक धरना-प्रदर्शन भी दिया तथा हाईकोर्ट में याचिका लगाकर बालिका बरामदगी की मांग की गई। हाईकोर्ट द्वारा गृह सचिव डीजीपी को नोटिस भेजकर 10 फरवरी को बालिका पेश करने के आदेश जारी हुए थे। शेष|14पर
पुलिसने 8 फरवरी को हरियाणा के बावल से बालिका को बरामद किया और बुधवार को हाईकोर्ट की खंडपीठ डबल बेंच की कोर्ट नंबर तीन के न्यायाधीश अजय रस्तोगी न्यायाधीश जेके राका के समक्ष पेश किया। यहां बालिका ने परिजनों से जान से खतरा होने का हवाला देते हुए युवक के साथ रहने की मांग की। न्यायाधीश ने जांच अधिकारी को बालिका को अलवर बाल कल्याण समिति में ठहराव के निर्देश दिए। इस दौरान बालिका के परिजन सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।