पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • अस्पताल में बढ़ी सर्दी खासी के मरीजों की संख्या

अस्पताल में बढ़ी सर्दी खासी के मरीजों की संख्या

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
स्वाइन फ्लू का खौफ एक संदिग्ध की मौत

बहरोड़ | क्षेत्रमें सर्दी और खासी के मरीज बढ़ गए हैं। स्वाइन फ्लू के खौफ के बीच सर्दी खासी के रोगियों की रैफरल अस्पताल में हर रोज कतार लग रही है। चिकित्सक मुंह पर मास्क लगाकर मरीजों की जांच कर रहे हैं। साथ ही मरीजों को भी स्वाइन फ्लू से बचाव को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं।

बहरोड़ में चार दिन पूर्व स्वाइन फ्लू से एक महिला की मौत होने के बाद से ही सुरक्षा के उपायों पर जोर दिया जा रहा है। बुखार, जुकाम, खांसी के मरीजों की संख्या राजकीय अस्पताल के अलावा निजी अस्पतालों में बढ़ी है। राजकीय रैफरल अस्पताल प्रभारी डॉ. सुरेश यादव ने बताया कि स्वाइन फ्लू को लेकर लोगों में खासा भय देखने को मिल रहा है। प्रतिदिन आउट डोर औसतन 500 से 600 मरीजों का हो रहा है, जिसमें अधिकांश मरीजों को बुखार, जुकाम, पेट दर्द, खांसी के होते हैं। ऐसे मरीज स्वाइन फ्लू की जांच के लिए अस्पताल रहे हैं। लेकिन जांच मशीन नहीं होने से मरीजों को जयपुर की सलाह दी जा रही है।

बहरोड़. अस्पताल के दवाई काउंटर पर लगी मरीजों की लाइन।

भास्कर न्यूज | अलवर

राजीवगांधी अस्पताल में स्वाइन फ्लू आइसोलेशन वार्ड में भर्ती रहे रोगी की रविवार रात को संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई। डॉक्टर ने इसे स्वाइन फ्लू मानकर तो भर्ती किया और टेमीफ्लू भी दी गई, लेकिन सैंपल नहीं लेने के कारण उसकी जांच नहीं हो सकी है।

रविवार शाम को राजगढ़ निवासी दीनदयाल (25) पुत्र रामकिशोर सैनी को परिजन राजीव गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उसे स्वाइन फ्लू का संदिग्ध रोगी मानकर वार्ड में भर्ती कर दिया। रात को तबीयत बिगड़ने पर उसे जयपुर रैफर कर दिया गया, लेकिन जयपुर जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिजन स्वाइन फ्लू से ही मौत मान रहे हैं।

भूलगए 24 घंटे सैंपल कलेक्शन के निर्देश

निदेशालयकी ओर से स्वाइन फ्लू के संदिग्ध रोगियों के 24 घंटे सैंपल कलेक्शन के निर्देश दिए गए थे। अस्पताल प्रशासन इस निर्देश को भूल गया। यहां रात और दिन में भर्ती रोगियों की सैंपलिंग सुबह नौ से दोपहर एक बजे तक ही की जाती है।