कुपोषण के बारे में दी जानकारी
बहरोड़. आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों को दवा पिलाती कार्यकर्ता।
बर्डोद. स्नेह शिविर में कुपोषण से बचाव के बारे में जानकारी देती पर्यवेक्षक।
भास्कर न्यूज | बहरोड़
समेकितबाल विकास विभाग द्वारा कुपोषण अभियान के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बारह दिवसीय स्नेह शिविर आयोजित किए जा रहे है। महिला एवं बाल विकास अधिकारी डाॅ .धर्मवीर मीणा ने केन्द्रों पर पहुंचकर उपस्थित महिलाओं को कुपोषण के बारे में जानकारी दी। डाॅ . मीणा ने बताया कि कस्बे के तिलक नगर स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र पर उपस्थित माताओं परिजनों को हल्के अवपोषण बच्चों की रोकथाम की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य, स्वच्छता पोषण की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तीन-चार केन्द्रों को जोड़कर एक केन्द्र बनाया गए है। जहां पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनियों के द्वारा बच्चों को दवा पिलाई जा रही है। शिविर 9 फरवरी से आयोजित किया जा रहा है जो 21 फरवरी तक चलेगा। वहीं कस्बे के वार्ड 19 पर भी वार्ड संख्या 10, 15, 16 18 की कार्यकर्ता आशा सहयोगिनियों ने बच्चों को दवा पिलाते हुए बच्चों की माताओं परिजनों को आवश्यक जानकारी दी। इस दौरान महिला पर्यवेक्षक सपना यादव, सत्यवीर यादव, एएनएम संतोष सहित कार्यकर्ता गण मौजूद थी।
बर्डोद: महिलाएवं बाल विकास परियोजना की महिला पर्यवेक्षक अनिता यादव ने महिलाओं से कहा जब तक ग्रामीण परिवेश में रहने वाली महिलाएं अपने खाने में पौष्टिक तत्व युक्त खाना नहीं खाएगी तब तक पैदा होने वाले बच्चों को कुपोषण मुक्त नहीं किया जा सकता।
इसलिए मां और बच्चे को कुपोषण से मुक्ति दिलाने के लिए उनके खाने में पौष्टिक आहार को शामिल करें, जिससे हम कुपोषण मुक्त राजस्थान बना सके। महिला पर्यवेक्षक अनिता यादव गुरुवार को बर्डोद की नई ढाणी स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कुपोषण पर अंकुश लगाने के लिए आयोजित दस दिवसीय स्नेह शिविर में मुख्य प्रशिक्षिका रूप में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशाओं ग्रामीण महिलाओं को जानकारी दे रही थी। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं से कहा कि अधिकतर घरों में महिलाएं पौष्टिक तत्व युक्त भोजन के बारे में जानकारी ही नहीं होती, उनका परामर्श कर उनको हरे पत्तेदार सब्जियां, दूध, दही, गाजर, मूली, फल का उपयोग अवश्य करें, साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्र पर मिलने वाली पौष्टिक तत्व युक्त पंजीरी को भी खाने में उपयोग करे। गर्भवती महिला को खाने के अलावा तरल पौष्टिक खाना ज्यादा लेना चाहिए।
महिला पर्यवेक्षक अनिता यादव ने बताया कि क्षेत्र में कुपोषित बच्चे के बराबर है,उसके बाद भी हम उनको कुपोषण से मुक्ति दिलाने के लिए प्रयास कर रहे है। उन्होंने बताया कि कुपोषित बच्चे मां की अज्ञानता और खाने में लापरवाही के कारण कमजोर बच्चे होते है, लेकिन उनको हमारा विभाग उनकी समय पर देख भाल कर उनको कमजोरी और कुपोषण से मुक्ति दिला रहे है। शिविर में आए कमजोर और कुपोषित बच्चों को डीवार्मिंग दवा पिलाई। स्थानीय केन्द्रों पर उपलब्ध सामान की उपलब्धता और उसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी गई। शिविर में सुनीता देवी, रेखा उर्मिला सैनी, संतोष, रामकला, सरोज कमलेश, आशा रत्तन कौर चौधरी, सरला सहित कई महिला एवं बाल विकास परियोजना के कर्मचारी ग्रामीण महिलाएं उपस्थित थी।