सामान्य पुरुष को िमली दो सीटें
पंचायतराज चुनावों में जातियों की गुणा-भाग में इस बार सामान्य वर्ग का पत्ता कट गया है, जबकि जिला परिषद के बोर्ड में अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रत्याशियों ने साफ बहुमत हासिल कर लिया है। सामान्य (पुरुष) के सिर्फ 2 प्रत्याशी जीते हैं वहीं ओबीसी के 27 प्रत्याशी जीतकर आए हैं। जिला प्रमुख उप जिला प्रमुख की सीट भी ओबीसी के खाते में ही आई है। जीते हुए उम्मीदवारों में पांच सामान्य महिला, नौ एससी छह एसटी के भी हैं।
जिला परिषद सदस्य की 49 सीटें हैं। इसमें आरक्षण के बंटवारे के बाद सामान्य वर्ग को सिर्फ 13 सीटें मिली। इसमें भी आठ ओबीसी के दो एसटी के प्रत्याशी जीत गए। सिर्फ तीन प्रत्याशी सामान्य के जीत पाए। इसमें भी एक महिला है। ऐसे में सामान्य (पुरुष) के सिर्फ 2 प्रत्याशी इस बार जिला परिषद सदस्यों में शामिल हो पाए। ओबीसी ने सामान्य महिला की 13 सीटों में से भी नौ अपने नाम कर ली और दस पर उनका आरक्षण था। ऐसे में इस बार सर्वाधिक 27 प्रत्याशी ओबीसी के चुन लिए गए। एसटी ने चार आरक्षण के अलावा दो सामान्य सीटों पर कब्जा कर लिया। इस वर्ग के अब छह सदस्य है। एससी के आरक्षण के हिसाब से नौ सदस्य हैं।
किसको कितना आरक्षण
पंचायतराज चुनावों में ओबीसी का 21 प्रतिशत आरक्षण है। एससी एसटी का संबंधित क्षेत्र में जनसंख्या के अनुपात आरक्षण है। इस हिसाब से अलवर में एससी की 9 एसटी की चार सीटे आरक्षित हुई। महिलाओं का उनके वर्ग 50 प्रतिशत आरक्षण है।