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जननी को...

7 वर्ष पहले
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जननी को...

घर-घरनहीं जा रही एएनएम : शहरसहित ग्रामीण क्षेत्रों में एएनएम और आशा सहयोगिनी गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं। यही कारण है टिटनेस के टीके के आंकड़े बेहद गंभीर हालात दर्शा रहे हैं। एएनएम के पास क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं की सूची ही नहीं हैं। क्योंकि एएनएम घर-घर जाकर सर्वे ही नहीं करती हैं। सिर्फ उन्हीं गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण हो रहा है, जिन्हें लेकर आशा स्वास्थ्य केन्द्र या आंगनबाड़ी केन्द्र पहुंचती है।

अलवरशहर में भी एक चौथाई आंकड़ा : सर्वाधिकचिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता वाले जिला मुख्यालय यानी अलवर शहर में भी गर्भवती महिलाओं को टिटनेस के टीके नहीं लग पाए हैं। चिकित्सा विभाग के आंकड़े यहां भी मात्र एक चौथाई उपलब्धता ही दर्शा रहे हैं। ये आंकड़े जननी की सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं।

बुखार से दो...

डेंगूके केस मिलने के बावजूद चिकित्सा विभाग ने पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं। कस्बेवासियों ने सीएचसी में रिक्त पदों पर डॉक्टर लगाने एवं जिला मुख्यालय की टीम से सर्वे और फोगिंग कराने की मांग की है। उन्होंने तीन दिन में व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर चक्काजाम की चेतावनी दी है। ज्ञापन देने वालों में महावीर आचार्य, उप सरपंच प्रभाती लाल, पंच अनिल लोहा, राजवीर पंच, मुंशी राय, रणसिंह, ईश्वर, सत्यदेव, मातादीन, लेखराज, मुकेश, दयानंद, सुंदरसिंह, पूरण, विनोद, रामचरण, भागमल, शेरसिंह, सुखराम, नितिन, मनोज, रमेशचंद सहित काफी संख्या में लोग शामिल थे।